Hamirpur, Arvind-वर्ष 2023 में हिमाचल प्रदेश में आई भीषण आपदा के दो साल बाद भी प्रभावितों को पूरी राहत नहीं मिल पाई है। अनुमानित 95,000 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले अब तक केंद्र सरकार से मात्र 2006 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। इसको लेकर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता प्रेम कौशल ने हमीरपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों, खासकर भाजपा से अपील की थी कि वे एकजुट होकर केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज के लिए दबाव बनाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव पर विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की चुप्पी हैरान करने वाली है।
प्रेम कौशल ने सराहना की कि जयराम ठाकुर ने दिल्ली में मंत्रियों से मुलाकात कर राहत की मांग जरूर की है, लेकिन अब उन्हें चाहिए कि मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद के माध्यम से भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मंडी की सांसद अधिकतर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं, लेकिन अब वक्त है कि वे मंडी और प्रदेश के लोगों के लिए ठोस प्रयास करें।उन्होंने जनता से अपील की कि राहत कार्यों में सहयोग जारी रखें और सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर आपदा पीड़ितों की मदद के लिए एकजुट हों।
