अनिल कुमार,किन्नौर: प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है तो वहीं कुछ दिनों में पारा माइनस में तो कुछ में शून्य से नीचे चल रहा हैं। वहीं जिला किन्नौर में इन दिनों तापमान शून्य से नीचे चल रहा हैं और ऐसे में इस कड़कड़ाती ठंड के बीच भी जिला के लोग अपनी परंपराओं वर्षों से मनाए जा रहे अपने त्यौहारों को बड़े ही उत्साह के साथ मानते ओर पूरा करते हुए नजर आ रहे हैं। जिला में लोग लोसर यानी नववर्ष उत्सव मना रहे हैं।
जिला के पूह खंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग तिथि अनुसार इस उत्सव को मनाया जा रहा हैं। जिला के हारंगरंग घाटी, रोपा घाटी,पूह,मूरंग,ठंगी,रारंग,जंगी,रिस्पा,आसरंग, लिप्पा में नववर्ष को लोसर उत्सव मनाया जा रहा हैं। किन्नौर जिला के पहाड़ियों पर बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई हैं, ऐसे हड्डी जमा देने वाले ठंड में भी लोग अपने संस्कृति को कायम रखते हुए लोसर उत्सव को धूमधाम से मना रहे हैं। जिला के ऊपरी क्षेत्रों में नववर्ष का उत्सव दिसंबर महीने के अंत तक चलता हैं जिसके बाद कुछेक क्षेत्रों में यह उत्सव जनवरी महीने मे भी मनाया जाता हैं। इस लोसर उत्सव में लोग स्थानीय देवी देवताओं के पारंपरिक नृत्य कर उन्हें खुश करते हैं और वर्षभर अच्छी फ़सल, सुख समृद्धि की कामना भी करते हैं।
बता दें की किन्नौर जिला में देशभर से अलग परंपराएं ओर संस्कृति हैं,जहां पर लोग अपनी संस्कृति को संजोए रखने के लिए एकजुट हो जाते हैं और ख़ासकर लोसर जैसे उत्सव में बाहरी इलाकों में नौकरी करने वाले व पढ़ने वाले बच्चे भी अपने ग्रामीण क्षेत्रों में लौटकर आते हैं। जिला में लोग पारंपरिक वेशभूषा पहनकर लोसर उत्सव को मनाते हैं और इस उत्सव में बौद्ध धर्म व सनातन धर्म का अनूठा मेल देखने को भी मिलता हैं।
