अनिल कुमार,किन्नौर: एवरेस्टर अमित नेगी जिन्होंने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के साथ ही कंचनजंगा और अन्नपूर्णा जैसे पर्वतों को फतह कर देश का नाम रोशन करने के साथ ही किन्नौरी टोपी का परचम भी विश्व भर में लहराया हैं,उसी अमित के लिए अन्य उपलब्धियां हासिल करने में आर्थिक तंगी रोड़ा बन गई हैं। दुख की बात तो यह है कि अमित नेगी की ओर से प्रदेश की जनता से उन्हें आर्थिक मदद करने की अपील भी की गई थी बावजूद इसके भी आर्थिक मदद उन्हें नहीं मिल पाई है जिसके चलते वह अपने अगले टारगेट मकालू व लोहतसे शिखर की चोटी को फतह नहीं कर पाएंगे।
किन्नौर ज़िला के बटसेरी गांव से संबंध रखने वाले अमित नेगी को अपने अगले पड़ाव पर जाने के लिए और इन चोटियों को फ़तह करने के लिए आर्थिक सहायता की दरकार थी लेकिन उनकी इच्छा पर आर्थिक तंगहाली हावी हो गई हैं जिसने उनसे इन शिखरों को दूर कर दिया हैं। अब अमित नेगी को निराश होकर घर वापिसी करने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने आर्थिक सहायता के लिए सोशल मीडिया व मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की थी और सरकार तक भी यह बात पहुंचाने का प्रयास किया था लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी हैं।अब वे आर्थिक तंगी के चलते इन शिखरों को फतह करने से चूक गए हैं
उन्होंने कहा कि जिन्होंने ने भी उन्हें अभी आर्थिक सहायता प्रदान की है उसके लिए वे सभी का आभार प्रकट करते हैं। भविष्य में वे दोबारा जब उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त होगी तो मकालू, लोहतसे के शिखर को फतह करने के लिए कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि वह दोबारा देश के झंडे व किन्नौरी टोपी के माध्यम से इन शिखरों को फतह कर अपना परचम लहराएंगे।
