लालहमीरपुर, अरविंद-: विदेशी जलक्षेत्र में हुए हमले में जान गंवाने वाले हमीरपुर जिले के भालू गांव निवासी 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है और अब परिजन उसके पार्थिव शरीर के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। गांव में शोक का माहौल है तथा रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का लगातार परिवार के घर पहुंचना जारी है।
आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने बताया कि उन्हें अधिकारियों के माध्यम से जानकारी मिली है कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर अभी संबंधित प्रक्रिया के तहत दूसरे स्थान पर भेजा जा रहा है,जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि शुरुआती सूचना के अनुसार आदित्य को सिर में गंभीर चोट लगी थी। परिवार को अभी तक अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है और वे चाहते हैं कि घटना से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने आए। उन्होंने कहा कि परिवार की सबसे बड़ी इच्छा अब अपने बेटे को अंतिम बार देखने और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने की है।दूसरी ओर, आदित्य के चाचा हिमांशु शर्मा ने बताया कि उनकी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजी शिपिंग) के अधिकारियों से बातचीत हुई है। अधिकारियों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। हालांकि परिवार के मन में कई सवाल अब भी बने हुए हैं। उनका कहना है कि जहाज की स्थिति और उसकी गतिविधियों को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं, जिससे संदेह की स्थिति पैदा हुई है।हिमांशु शर्मा ने कहा कि आदित्य ने घटना से पहले अपने पिता को बताया था कि जहाज अपनी निर्धारित दिशा में आगे बढ़ रहा था, जबकि कंपनी की ओर से जहाज के एक स्थान पर खड़े होने की बात कही जा रही है। ऐसे में परिवार चाहता है कि सभी तथ्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत जहाजों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, ताकि कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
परिजनों ने मांग की है कि घटना की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय की जाए। डीजी शिपिंग ने परिवार को आश्वासन दिया है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच होगी और सभी तथ्यों को सामने लाया जाएगा।फिलहाल पूरे भालू गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। परिवार की निगाहें अब उस पल पर टिकी हैं, जब आदित्य का पार्थिव शरीर घर पहुंचेगा और उसे अंतिम विदाई दी जा सकेगी।
