संजीव महाजन,नूरपूर: अपनी आमदनी को बढ़ाने के लिए आज के दौर में किसान मक्की, गेंहू को उगाने के साथ ही सीज़नल सब्जियों को भी उगाने लगे है। किसानों को सब्जियों का बेहतर रेट मिले और उनकी आमदनी बढ़ सके इसके लिए किसान सब्जियों को उगाने का काम कर रहे है लेकिन मंडियों में सब्जियों के उतने दाम ना मिलने की वजह से किसान परेशान हैं।
नूरपुर क्षेत्र के कई ऐसे किसान हैं जो अपने खेतों में मौसमी सब्जियां भी उगा रहे हैं लेकिन उनकी इन सब्जियों को मंडियों में सही दाम नहीं मिल रहा है। अब किसान सरकार से लागत के आधार पर मंडियों में दाम तय करने की मांग कर रहे जिससे कि किसानों को भी उनकी मेहनत का फल भी उन्हें मिल सके।
मेहनत किसान सब्जियों का उगाने में करता है उसका लाभ होलसेल या रिटेलर उठा लेते ले जाते है। कई बार किसानों की ओर से जो ख़र्चा किया जाता वह भी पूरा नहीं हो पाता है।
इलाके के परेशान है सही दामन ना मिलने की वजह से परेशान है और यही वजह है कि नूरपूर के सुलयाली गांव में किसानों ने सरकार से गुजारिश की है कि जैसे दूसरी चीजों के रेट फिक्स किए जाते उसी तर्ज पर हम किसानों की लागत के आधार पर रेट फिक्स किए जाएं ।
बागवान किसान प्रदीप पठानिया ने कहा कि मैंने पिछले साल भी 17-18 कनाल में खीरे की फसल लगाई थी। इस बार भी 17 कनाल में खीरा लगाया है।पिछले साल एक तो मौसम ने साथ नहीं और दूसरा जब फसल तैयार हुई तो रेट बहुत कम रहे । हमारी सरकार से अपील है कि सब्जियों के रेट भी फिक्स किए जाएं क्योंकि इस साल पिछले साल से बीज , दवाईयां , लेबर ,तार रस्सी सब चीजों के महंगाई के चलते रेट भी बढ़ चुके। अगर रेट सही मिल जाए तो हमारा काम हमारी आर्थिक स्थिति ठीक हो सकती है।
वहीं किसान जीवन कुमार ने कहा कि पिछले साल भी हम मिलकर सब्जी,खीरे का काम करते थे। पिछले साल हमें रेट सही ना होने पर घाटा हुआ था। इस साल भी हमने खीरा लगाया है और हमारी सरकार से गुजारिश है कि जब फसल तैयार हो जाए तो हमें सही रेट मिल सके क्योंकि महंगाई के चलते हर चीज के रेट बढ़ चुके हैं। उनका कहना है कि एक किसान सारा दिन खेत में मेहनत करके अपनी फसल को तैयार करता है। ऐसे में जो लागत फसल को तैयार करने में लग रही है अगर उसे बेच कर उन्हें मुनाफा ना हो तो फिर उनकी मेहनत करने का कोई भी फायदा नहीं रह जाता है।
