संजीव महाजन,नूरपुर:पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माणकार्य में उपमंडल ज्वाली के अधीन भेड़खड्ड से लेकर सियूनी तक निर्माण कार्य चला हुआ हैं, लेकिन निर्माणकार्य मे लगी कंपनी की ओर से सरेआम नियमों को दरकिनार किया जा रहा हैं। कंपनी की ओर से आबादी वाले क्षेत्र में कोलतार प्लांट लगाया गया हैं। कोलतार प्लांट से निकलने वाला विषैले धुंआ कहीं लोगों में कोई बिमारी ना फैला दें इसकी चिंता अब लोगों को सता रही हैं।
यहां के स्थानीय निवासी जितेन्द्र धीमान ने बताया कि कंपनी की ओर से भाली पंचायत में कोलतार प्लांट लगाया गया हैं जिससे निकलने वाला विषैला धुआं लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा हैं। कोलतार प्लांट से निकलने वाले विषैले धुंआ के कारण अस्थमा, खांसी इत्यादि की बीमारी हो रही हैं,जिसके चलते लोगों में भारी रोष पनप उठा हैं। कोलतार प्लांट चलाया जाता है तो चारों तरफ धुआं ही धुआं फैलता हैं । यह कोलतार प्लांट स्कूल से लगभग 200 मीटर दूर है और इसके आसपास भी काफी घर, ढाबे हैं तो फिर प्रशासन ने आबादी क्षेत्र में इस प्लांट को लगाने की अनुमति कैसे दे दी हैं। उन्होंने कहा कि अगर 15 दिन के भीतर प्रशासन की ओर इस को प्लांट को नहीं हटाया गया तो प्रशासन व कंपनी के खिलाफ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
स्थानीय निवासी अमन राणा ने कहा कि कोलतार का प्लांट आबादी क्षेत्र से दूर लगाए जाने की शिकायत मैंने मार्च महीने में उपमंडलाधिकारी ज्वाली से की गई थी,लेकिन इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं। कोलतार प्लांट स्कूल से कुछ ही दूरी पर है और इसके आसपास भी काफी घर, ढाबे हैं। कोलतार प्लांट से निकलने वाले विषैले धुंआ के कारण लोगों बिमारी लगने का खतरा लग रहा हैं।
जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि एसडीएम ज्वाली से इसकी रिपोर्ट ली जाएगी ओर यथासंभव कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
