संजीव महाजन,नूरपुर: लुप्त हो रही परिंदों की प्रजातियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग के वन्य प्राणी विंग ने इंटरप्रिटेशन भवन नगरोटा सूरियां में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें वन्यप्राणी विंग नगरोटा सूरियां व धमेटा के वन्यप्राणी रक्षकों व अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर विशेष रूप से नगरोटा स्वयं बने प्राणी विभाग के आरोप बनारसी दास ठाकुर भी उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में मुंबई व दिल्ली से आए प्रशिक्षकों ने वन्यप्राणियों की प्रजातियों बारे विस्तार से जानकारी दी।
बीएनएचएस पौंग डैम से डॉ.सुब्रत देबता, वैज्ञानिक नेहा मजूमदार, वैज्ञानिक तुहिना कट्टी, आइएमडब्ल्यूबीईएस की राष्ट्रीय समन्वयक सुचिता अवस्थी व बीएनएचएस के उपनिदेशक पी.साथियासेल्वम ने पक्षी प्रवास अध्ययन, फ्लाईवे कार्य योजना, मध्य एशियाई फ्लाईवे राष्ट्रीय कार्य योजना (2018-2023) को लागू करने में राज्य सरकारों की भूमिका और रोग निगरानी पर क्षमता निर्माण पर प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विश्व में लुप्त हो रही वनस्पति, वन्यप्राणी प्रजातियों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
इस अवसर पर बीएनएचएस के उपनिदेशक साथियासेल्बम ने कहा कि दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य लुप्त होने के कगार पर पहुंची वन्यप्राणियों की कई प्रजातियों की सुरक्षा के उद्देश्य से लोगों को जागरूक करना है। इस अवसर पर एक विशेष डॉक्युमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई और इस विश्व वेटलैंड पौग झील में आने वाले विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान बताया गया कि विश्व वेटलैंड पौंग झील अति सुंदर झील है। यहां का सुंदर वातावरण और सुंदर स्वच्छ पानी के कारण ही सबसे अधिक प्रवासी पक्षी यहां आते हैं।
