राहुल चावला, धर्मशाला: प्रदेश में बीते 2 दिनों से मौसम खराब होने के चलते कांगड़ा जिला की ऊंची पहाड़ियों पर भी बर्फबारी हो रही हैं। इन पहाड़ियों पर बर्फबारी होने के चलते अक्सर जंगली जानवर ऊंचे पहाड़ों से मैदानी इलाकों में भोजन की तलाश में उतर आते हैं। ऐसे में मैदानी इलाकों में यह जानवर सर्दियों के इन दिनों में शिकारियों का शिकार बन जाते हैं, लेकिन हर साल की तरह इस साल भी जंगली जानवरों को बचाने के लिए वन विभाग ने अपना प्लान तैयार कर लिया हैं।
वन विभाग की ओर से सुनिश्चित तरीके से इनकी सुरक्षा हेतू योजना तैयार की गई हैं। इस वर्ष भी हर वर्ष की तरह वन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली हैं। पहाड़ियों से निचले क्षेत्रों की ओर आने वाले जंगली जीव-जंतुओं की सुरक्षा को लेकर चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (सीसीएफ) धर्मशाला डीआर कौशल का कहना है कि हर वर्ष की तरह सर्दियों की शुरूआत के साथ ही विभाग विस्तृत योजना तैयार करता हैं।
इस बार भी विभाग ने मास्टर प्लान तैयार कर टास्क फोर्स गठित की हैं। सीसीएफ ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्र जहां बर्फबारी ज्यादा होती है, उन क्षेत्रों को ज्यादा तवज्जों दी जाती हैं। सर्दियों में जंगली जानवरों का निचले क्षेत्रों में आगमन शुरू हो जाता हैं। उसके लिए विभाग की टुकड़ियां निरंतर चैक रखती हैं। बर्फबारी से पेड़ भी गिरते हैं, उनकी भी चैकिंग रखी जाती हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला की ऊपरी पहाडिय़ों पर हुई बर्फबारी के साथ विभाग सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से जंगली जानवरों का कोई शिकार ना करें इसको लेकर भी उचित प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति जंगली जानवरों का शिकार करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई भी विभाग की ओर से की जाएगी।
