बिलासपुर : सुभाष ठाकुर – भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग दो पल के सुकून की तलाश में अक्सर पार्कों का रुख करते हैं, जहां सर्दियों में धूप सेकने का आनंद लेने लोग पार्कों का सहारा लेते हैं। वहीं गर्मियों में तो पार्कों की अहमियत और बढ़ जाती है ।लेकिन विडंबना है कि घुमारवीं शहर के लोग इस मामले में किस्मत के धनी नहीं है। इसे नगर परिषद की लापरवाही ही कहेंगे कि वार्ड नंबर एक और वार्ड नंबर पांच में बने पार्को में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी बदहाल है।
पार्क पर 30 लाख से अधिक की राशि खर्च
वार्ड नंबर पांच में जिस पार्क पर 30 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है ,वह अब भी बदहाल है। नगर परिषद बने दो वर्ष का वक्त पूरा हो चुका है निर्वाचित पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। पार्कों की बदहाली शहर वासियों को मायूस करने लगी है। लाखो रुपये की राशि खर्च करने के बावजूद ना तो यहां झूले हैं, ना कोई बच्चों के खेलने का अन्य सामान और ना ही बैठने की उचित व्यवस्था। पार्क में फैली अव्यवस्था को लेकर कई बार नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है और वह हर बार पार्कों का मेंटेनेंस कराने का आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
नगर परिषद घुमारवीं के सभी वार्डो में पार्क बनाना प्रस्तावित था जिसके लिए 2016-17 में शहरी विकास विभाग से इन पार्कों के निर्माण के लिए करीब 70 लाख रुपये मिले थे, लेकिन इतने वर्ष बीतने के बाद नगर परिषद की नाकामी की वजह से आज करीब 40 लाख रुपए ही नगर परिषद खर्च पाया है और उसमें से भी तीस लाख रुपये से ज्यादा की राशि एक ही पार्क पर खर्च कर दी गई है। लेकिन पार्क की बदहाल स्थिति देखकर समझ नहीं आता है कि इन पैसों को कहां खर्च किया गया है ।
