हमीरपुर,14 नवंबर(TSN):पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष पर तीखा ह.मला बोला है.राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए इस फैसले के बाद अब यह सवाल उठता है कि इन असंवैधानिक नियुक्तियों से हटाए गए CPS को दी गई सरकारी सुविधाओं और वेतन की भरपाई कौन करेगा?क्या मुख्यमंत्री अपनी जेब से यह रकम लौटाएंगे,या फिर इन गलत नियुक्तियों के लिए जनता को ही कीमत चुकानी होगी?
राजेंद्र राणा ने विधानसभा अध्यक्ष को भी कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि क्या वे अब इन CPS की विधायकी रद्द कर नैतिक कर्तव्य निभाएंगे,या फिर सत्ता के दबाव में पक्षपात करेंगे? कांग्रेस के ही छह विधायकों की सदस्यता आनन-फानन में रद्द करने वाले अध्यक्ष क्या अब निष्पक्ष रहेंगे?राजेंद्र राणा नेकहा कि हटाए गए सभी 6 सीपीएस की विधानसभा सदस्यता भी तुरंत प्रभाव से समाप्त होनी चाहिए क्योंकि यह लोग लाभ के पद पर रहे हैं और असंवैधानिक रूप से सरकारी खजाने से वेतन भी लेते रहे हैं और सरकारी पैसों से सैर सपाटा भी करते रहे हैं।
