बिलासपुर: सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव के भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए गंगा का जल लाने के लिए पैदल कावड़ यात्रा पर निकल चुके है। हिमाचल से भी कावड़िये इस यात्रा पर हर साल जाते है लेकिन इस यात्रा पर जाने वाले कावड़ियों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से ना तो प्लान तैयार किया जाता है और ना ही किसी तरह की कोई सुरक्षा कावड़ यात्र पर जाने वाले कावड़ियों को मुहैया करवाई जाती है जिसका विरोध कावंड संघ की ओर से किया जा रहा है।
जिला कावंड़ संघ ने सरकार के इस रवैये को लेकर अपना रोष जताया है और आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार कावड़ियों की की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। संघ का कहना है कि एक ओर जहां यूपी, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में कावडियों को लेकर सरकार की ओर से सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है, लेकिन हिमचल प्रदेश में इस तरह की सुविधा कावडियों को नहीं मिल पा रही है।
बिलासपुर पहुंचे कावड़ संघ के जिला अध्यक्ष अरूण मराठा ने कहा कि इस बार कावंड़ यात्रा शुरू होने से पहले सरकार को कावड़ियों की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाया गया था, लेकिन उसके बावजूद भी प्रदेश सरकार की ओर से इस ओर कोई भी उचित कदम नहीं उठाए गए है। उन्होंने कहा कि वह और उनके साथ अन्य प्रदेश के सैंकड़ों कावड़ गौ मुख या फिर हरिद्धार से पवित्र जल लेकर इस यात्रा को पूरा करते है। सभी राज्यों में कावड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है। लेकिन प्रदेश की सीमा में पहुंचते ही अपने ही प्रदेश में कावड़िए बेगाने हो जाते है।
यहां पर यह सुविधा सरकार उन्हें नहीं दे रही है ना ही उनकी इस यात्रा को लेकर कोई प्लान तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी यात्र के दौरान कावड़ियों पर हमले हो चुके हैं। कई तरह के विवाद सामने आते है,लेकिन सरकार इस मसले को गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने आग्रह किया है कि सरकार कावड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाए ताकि कोई भी अप्रिय घटना न घटे। उन्होंने साथ ही सरकार को चेताया है कि यदि कोई घटना किसी कावड़िए के साथ घटती है तो उसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।
