कुल्लू : मनमिंद्र अरोड़ा- भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय व हिलक्वीन हस्तशिल्प एवं हथकरघा बुनकर कल्याण समिति मनाली जिला कुल्लू के सयुंक्त तत्वधान में आयोजित गांधी शिल्प बाजार व प्रदर्शनी का शुभारंभ सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने किया। 18 मार्च 2023 तक चलने वाले इस शिल्प बाज़ार व प्रदर्शनी में देश भर के 15 राज्यों के हस्तशिल्प, हस्तकरघा,बांस का फर्नीचर, लकड़ी के खिलौने व अन्य उत्पाद 100 स्टालो पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रमीण आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिये वचनवद्ध है। आने वाले समय में प्रदेश सरकार के बजट में ग्रामीण आर्थिकी के सुदृढ़ीकरण व विकास के लिए अनेक योजनाएं आरम्भ की जायेगी। उन्होंने कहा कि गांधी शिल्प मेले के आयोजन से हस्तशिल्प व हथकरघा से जुड़े लोगों को अपने उत्पादो को प्रदर्शित व बिक्री के लिए मंच मिला हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला अपने हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों के लिए देश ही नही विदेश में भी जाना जाता है।
शिल्प बाजार में 100 स्टॉल स्थापित किए गए
जिले की कुल्लू शाल को 2005 में जीआई टैग मिला है। कुल्लू टोपी व मफलर ने देश -विदेश में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों के संरक्षण, संवर्धन के लिए अनेक योजनाएं व कार्यक्रम आरम्भ किये गए हैं। वहीं, कुल्लू की जनता और घूमने आए पर्यटकों को एक ही छत के नीचे देशभर की विभिन्न संस्कृतियों और कलाओं से रूबरू होने का मौका भी मिलेगा। वहीं, इस साल भी हिल क्वीन हैंडीक्राफ्ट एंड हैंडलूम वीवर्स वेलफेयर कोऑपरेटिव इंडस्ट्रियल सोसायटी लिमिटेड मनाली गांधी शिल्प बाजार का आयोजन किया है। सोसायटी के प्रधान दौलत राम ने कहा कि शिल्प बाजार में 100 स्टॉल स्थापित किए गए हैं। इन स्टॉल में हस्तशिल्प के लकड़ी, मिट्टी, कागज, कपड़े आदि से बने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी रोजाना सुबह 11ः00 से शाम 08ः00 बजे तक लगाई जाएगी।
