अनिल कुमार, किन्नौर: राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (निमास) के अनुभवी पर्वतारोहियों ने कर्नल रणवीर सिंह जामवाल की अगुवाई में दुर्गम रास्तों से होकर हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी और भारत की सबसे मुश्किल चोटियों में से एक “रेओ पुरगिल” पंहुचने में कामयाबी हासिल कर ली हैं। अब उत्तराखंड के दुर्जेय पर्वत कामेट को अगला लक्ष्य बनाया हैं। हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी रेओ पुर्गिल पर चढ़ाई करने ‘हर शिखर तिरंगा’ टीम 11 मई 2023 को प्रदेश के किन्नौर जिले के नाको गांव पहुंची थी।
हर शिखर तिरंगा निमास का एक अनोखा और साहसिक अभियान हैं जिसका पहले कभी प्रयास नहीं किया गया हैं। इस कठिन प्रयास में अरुणाचल प्रदेश के दिरांग स्थित राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (निमास) के अनुभवी पर्वतारोहियों की टीम ने पहले ही सात उत्तर पूर्वी राज्यों के सबसे ऊंचे पहाड़ों पर तिरंगा फहरा लिया है और अब हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी पर पंहुचने में भी सफलता हासिल कर ली हैं।
हिमालय के दक्षिण ज़ांस्कर रेंज के रेओ पुर्गिल भाग में पिछले पांच दशकों में केवल तीन बार पर्वतारोहियों ने सफलतापूर्वक चढ़ाई की हैं। रेओ पुर्गिल पहाड़ में अत्यधिक तकनीकी चुनौतियों और बड़े पत्थर एवं बर्फ सहित कठिन ढाल के कारण इस पर चढ़ने का बहुत कम ही प्रयास किया जाता हैं। पिछले 10 वर्षों में इस पहाड़ पर चढ़ने के चार से ज़्यादा प्रयास किए गए लेकिन वह सफल नहीं हुए ।
निमास की टीम को पहाड़ी उपकरणों और राशन अपनी पीठ पर ही ले जाना पड़ा क्योंकि बर्फबारी के कारण खच्चर बेस कैंप तक नहीं पहुंच सके। टीम ने शिखर पर पहुंचने से पहले 5417 मीटर और 6170 मीटर की ऊंचाई पर दो कैंप लगाए। बर्फ और चट्टानी इलाके के दुर्गम रास्ते से टीम के सदस्यों ने 18 घंटे में गंतव्य शिखर तक पहुंचे।
कर्नल रणवीर सिंह जम्वाल के नेतृत्व में टीम 22 मई 2023 को दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर शिखर पर पहुंची। टीम 22 मई 2023 को शाम 07:55 बजे बेस कैंप में और आख़िर में 24 मई 2023 की शाम को नाको गांव पहुंची। यहां पूह ब्लॉक के ज़िला परिषद शांता कुमार नेगी, लेक व्यू होटल के महाप्रबंधक गौरव, नवाँग समेत कई गणमान्य ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों का स्वागत किया।
