अरविंदर सिंह,हमीरपुर: प्रदेश सरकार की ओर से डॉक्टर्स की एनपीए बंद करने को लेकर जारी की गई अधिसूचना के तहत अब हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य,पशु पालन एवं आयुष विभाग में चिकित्सकों की नई नियुक्तियों पर उन्हें एनपीए का लाभ नहीं दिया जाएगा,जिसका हिमाचल प्रदेश पशु चिकित्सा अधिकारी संघ ने भी विरोध कर रोष व्यक्त किया हैं।
संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज मोहन एवं महासचिव डॉ. मधुर गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार ने 3 जनवरी 2022 के बाद सभी वर्गों के चिकित्सकों का 4-9-14 के वित्तीय लाभ पर रोक लगा दी थी और आज प्रदेश सरकार ने हर वर्ग के चिकित्सकों की नई नियुक्तियां होने पर एनपीए पर भी रोक लगा दी जिस से समस्त चिकित्सक वर्ग में निराशा एवं दुख का माहौल हैं।
संघ ने बताया की हर वर्ग के चिकित्सकों को साढ़े 5 वर्ष की पढ़ाई करने के बाद ही सरकारी सेवा का अवसर प्राप्त होता है और पूरे सेवाकाल में उन्हें बहुत ही कम प्रमोशन के अवसर मिलते हैं और चिकित्सकों को हर समय आपातकालीन सेवाओं के लिए तैयार रहना पड़ता है,इन सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर ही इसकी भरपाई के लिए उन्हें 4-9-14 एवं एनपीए जैसे वित्तीय लाभ दिए जाते हैं।
डॉक्टर. मधुर गुप्ता के अनुसार प्रदेश में पहले ही हर वर्ग के चिकित्सकों का एक ज्वाइंट फ्रंट/संयुक्त संघर्ष समिति है जो चिकित्सकों के हितों का ध्यान मिल जुल कर रखती है और अब सरकार के इस निर्णय के खिलाफ भी ये समिति एकसाथ आवाज उठाएगी और ज्वाइंट फ्रंट की हैसियत से ही शीघ्र अपना पक्ष मुख्य मंत्री हिमाचल प्रदेश एवं प्रदेश सरकार के समक्ष रखेगी।
पशु चिकित्सक संघ हिमाचल प्रदेश ने मुख्य मंत्री से आग्रह किया है की वो आज जारी की गई इस अधिसूचना को चिकित्सकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रभाव से निरस्त करें । संघ ने कहा कि इस आपात स्थिति में वो मेडिकल चिकित्सा अधिकारी संघ के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े हैं और चिकित्सकों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए वो ज्वाइंट फ्रंट का पूर्ण और बेशर्त सहयोग करेंगे ।
