अरविंदर सिंह,हमीरपुर: अगर आप किसान हैं या खेती बाड़ी करना और सब्जियां उगाना आपको पसंद हैं, लेकिन आपके पास जगह की कमी है और इस वजह से आपका व्यवसाय फल फूल नहीं रहा है तो अब इसके लिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। हिमाचल के हमीरपुर जिला का एक किसान आपके लिए ऐसा फार्मूला लेकर आया है जिससे आप कम जगह पर भी बहुत सी सब्जियां एक ही पौधे पर एक साथ उगा सकते है। यह बात हम ऐसे ही नहीं कह रहे हैं यह कारनामा हमीरपुर शहर के करीबी इलाके लाहलडी के किसान परविंदर ने कर दिखाया हैं।
परविंदर ने एक ऐसे पौधे की खोज की हैं जिसमें एक समय पर एक साथ कई सब्जियां उगाई जा सकती हैं। एक आलू के पौधे पर टमाटर के अलावा आलू पर बैंगन की सब्जी उन्होंने लगाई हैं। यह कारनामा उन्होंने अपनी 8 सालों की मेहनत के बाद कर दिखाया है। परविंदर लगातार इस तरह के पौधे पर अपना एक्सपेरिमेंट कर रहे थे और उनकी कड़ी मेहनत के बाद उनका यह ट्रायल सफल हो गया है। अब दूसरे किसानों तक वह इसका लाभ पहुंचा सकें इसके लिए उन्होंने इस तरह के पौधों की नर्सरी भी बड़े स्तर पर तैयार करना शुरू कर दिया है। नर्सरी तैयार करने के बाद वह ज्यादा से ज्यादा किसानों तक यह पौधे पहुंचाएंगे, जिससे किसान अलग-अलग सब्जियां उगा कर ज्यादा मुनाफा कमा सकें।
परविंदर ने इस पौधे को तैयार करने के लिए आलू पर अलग-अलग समय में ग्राफ्टिंग की थी और इसके बाद इनकी प्रॉपर ढंग से देखभाल की। इसके लिए देसी खाद का इस्तेमाल किया। इस पौधे की सबसे बड़ी खास बात यह भी है कि इसके लिए ज्यादा जमीन की भी जरूरत नहीं है। इसे गमलों में भी फूलों की तरह तैयार कर एक समय में अलग सब्जियां ली जा सकती है। परविंदर ने बताया कि आलू के ऊपर ग्राफ्टिंग के माध्यम से पहले उन्होंने टमाटर और अब बैंगन के सफल पौधे तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों व बागवानों को ग्राफ्टिंग टेक्निक में भी रुचि लेनी चाहिए। इसके माध्यम से कई अच्छे पौधे तैयार किए जा सकते हैं जिसके लिए मेहनत की जरूरत है।
दूसरी ओर कृषि विशेषज्ञ भी परविंदर की ओर से तैयार किए गए पौधे से काफी हैरान हैं, क्योंकि उन्होंने बिना किसी तकनीकी मदद के खुद ही इस तरह के प्लांट को तैयार किया है। परविंदर अब किसानों को भी इस पौधे को लगाने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग देने का काम कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में जहां पर किसानों के पास थोड़ी बहुत जमीन है उसमें इस तरह के पौधे लगाकर एक ही समय कई सब्जियां उगा कर आर्थिक रूप से किसान काफी फायदा ले सकते हैं। इन पौधों को सर्दी के सीजन में लगाया जा सकता है जिसके लिए कम पानी की जरूरत रहती है हालांकि शुरुआती स्टेज इसे कोहरे से बचाना जरूरी होता है ताकि पौधा कोहरे की वजह से जले नहीं।
