मंडी : परी शर्मा- हिमाचल पथ परिवहन निगम घाटे में चल रहा है। बात अगर एचआरटीसी के मंडी डिपों की करें तो यंहा भी सिंगल रूटों पर बसें चलाना घाटे का ही सौदा साबित हो रहा है। दिसंबर महीने की बात करें तो यंहा 50 रूटों पर चलने वाली बसे ऐसी है जो डीजल की खपत भी नही निकाल पा रही है।
तेल की कीमत भी नही निकाल पा रही HRTC बसें
हिमाचल पथ परिवहन निगम इकाई मंडी के क्षेत्रीय प्रबंधक पीयूष शर्मा ने बताया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम इकसई मंडी ने 20 नई बसों के लिए आवेदन किया है। अगर ये बसें मिलती है तो इन्हे खराब पड़ी बसों से रिप्लेस किया जाएगा ताकि लोगों को सुरक्षित और अच्छी बस सेवा मिले। उन्होने बताया कि मार्च महीने तक नई बसों के आने की उम्मीद है। नये माॅडल और सारी सुविधाओं से लेंस बसे जल्द ही मंडी की सड़कों पर दौड़ेगीे और लोगों को बेहतर परिवहन की सेवा मिलेगी।
मंडी के क्षेत्रीय प्रबंधक पीयूष शर्मा ने कहा कि निगम को घाटे से उबारने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए इलैक्ट्रिक्ल बसे भी चलाई जा रही है। इलेक्ट्रिक बसों की काॅस्ट प्रति किलोमीटर 8 रुपयें और डीजल वाली बसों की काॅस्ट 24 रुपयें है। उन्होने बताया कि अगर इलेक्ट्रिक बसे ज्यादा चलती है तो इससे घाटा कम होगा। लबे सेवाओं वाले रूट भी शुरू किए जाएगें।
