संजीव महाजन, नूरपुर: प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों के लिए चलाई गई प्री नर्सरी कक्षाओं में बच्चों को किस तरह से पढ़ाया जाए जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो इसकी ट्रेनिंग स्कूल के अध्यापकों को दी गई। नूरपुर ब्लॉक के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुलयाली में समग्र शिक्षा अभियान के तहत पांच दिवसीय जिला स्तरीय प्री प्राइमरी ट्रेनिंग कार्यशाला का आयोजन किया था, जिसमें अध्यापकों को यह जानकारी प्रदान की गई। शुक्रवार को इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का समापन हो गया।
यह ट्रेनिंग प्रोग्राम स्टार प्रोजक्ट के तहत जो चुनें गए स्कूलों के लिए आयोजित किया गया था। ट्रेनिंग प्रोग्राम के समापन अवसर पर धर्मशाला डाईट डीपीओ विनोद चौधरी मुख्यातिथि के रुप में शिरकत की। कार्यशाला धर्मशाला डाईट डीपीओ विनोद चौधरी ने कार्यशाला में आए सभी अध्यापकों को अपने संबोधन में इस बात पर विशेष तौर पर ध्यान देने को कहा कि अगर सभी अध्यापक स्कूल में आने वाले बच्चों को अपना बच्चा समझकर पढ़ाएंगे तो यह सभी बच्चे बेहतर दिशा में जा सकते हैं। बच्चों को बेहतर तरीके से सीखना और पढ़ाना सब अध्यापकों का कर्तव्य हैं।
डीपीओ डाइड धर्मशाला विनोद चौधरी ने कहा कि स्टार प्रोजेक्ट के तहत वर्ल्ड बैंक से पैसा आया हैं। उसमें हमारे देश के छः राज्य चुनें गए हैं। हिमाचल प्रदेश उन छ: राज्यों में एक हैं। स्टार प्रोजेक्ट में अगर जिला कांगड़ा की बातें करें तो यहां 54 स्कूलों को चुना गया था। इन स्कूलों के अध्यापकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया था जिसमें उन्हें स्कूलों में प्री प्राइमरी के बच्चों को किस तरह से पढ़ाया जाना है और बच्चों को किस तरह गतिविधियों के माध्यम से दिखाया जाए इसके बारे में जानकारी दी गई हैं।
