राकेश, ऊना : कांग्रेस के दो विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद अब कांग्रेस के अन्य नेता भी केंद्रीय नेताओं को प्रदेश में जिताऊ उम्मीदवारों को टिकट देने की वकालत करने लगे है। पार्टी में जी रही गुटबाजी ओर तेरा मेरा की राजनीति से परेशान हो कर कुछ नेता प्रदेश में कांग्रेस की जीत पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते है और यही वजह भी है कि कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा की ओर से आलाकमान को प्रदेश में जिताऊ उमीदवारों पर फोकस करने की बात करते नजर आ रहे है।
ऊना में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा ने कहा है कि कांग्रेस आलाकमान की जिन बड़े नेताओं को प्रदेश में सरकार लाने की जिम्मेवारी दी है उनकी भी यह जिम्मेवारी बनती है की छोटी-छोटी बातों को आपस में सुलझा कर जिताऊ उम्मीदवार पर फोकस करें। उन्होंने कहा कि अगर तेरी मेरी की बातों को छोड़कर जिताऊ उम्मीदवार पर दाव खेला जाता है तो हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार जरूर बनाएगी।
उन्होंने सभी नेताओं को यह नसीहत भी दे डाली की अगर प्रदेश में सरकार आएगी तो कांग्रेस के नेता ही मंत्री और मुख्यमंत्री बनेंगे यदि सरकार नहीं आई तो जिनके पास जो पद है वह भी नहीं रहेंगे। कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी सरकार बनने जा रही है ओल्ड पेंशन स्कीम कांग्रेस पार्टी की ओर से राजस्थान और छत्तीसगढ़ में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास कांग्रेस पार्टी में बना हुआ है इससे यह तय है कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार आ रही है।
वहीं कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा ने प्रदेश सरकार की ओर से छोटे-छोटे टेंडरों को खत्म कर तीन तीन सौ करोड़ के बड़े टेंडर बाहरी लोगों को दिए जाने को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा है की छोटे-छोटे टेंडर होने से छोटे ठेकेदारों के रोजगार के साधन है वह बंद हो जाएंगे। बिजली और आईपीएच विभाग में बड़े टेंडर किए जा रहे है उनमें छोटे ठेकेदार को काम नहीं दिया जा रहा है जिसका वह विरोध करते हैं और अगर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार आती है तो वह इन टेंडरों को रद्द कर देंगे।
पार्टी छोड़कर जाना विधायकों की बड़ी भूल
कांगड़ा के विधायक पवन काजल ओर नालागढ़ के विधायक लखविंदर राणा के भाजपा में शामिल होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सतपाल रायजादा ने कहा कि दोनों विधायकों ने पार्टी छोड़कर बड़ी गलती की है और रायजादा ने इसे उनकी भूल करार दिया है।
