मंडी,धर्मवीर(TSN)-आइआइटी मंडी के डायरेक्टर प्रो.लक्ष्मीधर बेहरा का कहना है कि भारत का एजुकेशन सिस्टम भारतीय परंपराओं को अपमानित करने वाला था।इसमें भारतीय परंपराओं को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया था।अब हम एक ऐसा एजुकेशन सिस्टम लाने जा रहे हैं जो हमारी पारंपरिक पहचान है।यह बात उन्होंने आज सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही।
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से इन्हीं परंपराओं को मिलेगी नई पहचान
प्रो. बेहरा ने कहा कि अब देश में ऐसा एजुकेशन सिस्टम आ रहा है जिससे हर भारतीय को खुद पर गर्व होगा।हमारे ग्रंथों और काव्य रचनाओं पर हमें गर्व होगा जिसमें रामायण, श्रीमद भागवत गीता और अन्य ग्रंथ शामिल हैं।प्रो. बेहरा ने कहा कि हम एक अच्छे इंजीनियर,डॉक्टर या फिर अच्छे माता-पिता तभी बन सकते हैं जब हम एक अच्छे इंसान बनेंगे। इसमें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी एक क्रांतिकारी और बेहतरीन कदम साबित होने वाली है। जितना ज्यादा हम इस एजुकेशन पॉलिसी को अपनाएंगे उतना ही अच्छा भारत के लिए होगा। उन्होंने कहा कि एनईपी विकसित भारत के लिए चेंजमेकर साबित होगी।
नेशनल एजुेशन पॉलिसी की राष्ट्रीय कार्यशाला
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 पर आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में देश भर के उच्चतम शिक्षण संस्थानों से आए प्रबुद्धजन भाग ले रहे हैं। कार्यशाला की अध्यक्षता सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर ललित कुमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर एस जैन उपस्थित रहे। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रचलन व सरस्वती वंदना से हुआ। आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने मुख्य अतिथि को हिमाचली टोपी एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। कार्यशाला निदेशक डॉ. सनील ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य को प्रस्तुत किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि एस सी जैन, एनआइटी जयपुर के निदेशक प्रोफेसर नारायण प्रसाद और दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रतीक शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपने विचार रखे। कार्यशाला में विश्वविद्यालय से सम्बन्धता प्राप्त अकादमिक व बी.एड. महाविद्यालयों के प्रमुख, प्राध्यापक व सरदार पटेल विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, कर्मचारी, अनुसंधान विद्वान तथा छात्र भाग ले रहे हैं।
