शिमला, 19 जून -: जिला शिमला में स्कूलों के आसपास स्थित दुकानों के लाइसेंसों की विशेष समीक्षा की जाएगी। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने तंबाकू नियंत्रण पर आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी दुकान का लाइसेंस केवल भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही जारी किया जाएगा। बिना निरीक्षण के लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों के 100 गज दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने स्कूल प्रधानाचार्यों को भी आसपास की दुकानों का निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने बताया कि बसंतपुर ब्लॉक में कई दुकानदारों ने लिखित रूप से प्रशासन को आश्वस्त किया है कि वे तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करेंगे। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला के अस्पतालों में ‘तंबाकू मुक्त परिसर बॉक्स’ स्थापित किए गए हैं, जिनमें मरीज और तीमारदार प्रवेश से पहले तंबाकू उत्पाद जमा कर सकते हैं।
एनएचएम के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि शिमला के मॉल रोड क्षेत्र में स्कूलों के दायरे में आने वाली लगभग 17.5 प्रतिशत दुकानों के पास तंबाकू उत्पाद बेचने के लाइसेंस हैं। प्रशासन अब ऐसे मामलों की भी समीक्षा करेगा।उपायुक्त ने व्यापारियों, संस्थानों और आम जनता से कोटपा (COTPA) अधिनियम, 2003 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है।
खुली सिगरेट और बीड़ी की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
हिमाचल प्रदेश में लागू खुली सिगरेट और बीड़ी बिक्री प्रतिषेध एवं तंबाकू उत्पाद खुदरा कारोबार विनियमन अधिनियम, 2016 के तहत खुली या एकल सिगरेट तथा बीड़ी की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों के उल्लंघन पर पहली बार तीन माह तक का कारावास या 50 हजार रुपये तक जुर्माना तथा दोबारा उल्लंघन पर एक वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, एडीएम पंकज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
