संजीव महाजन,नूरपुर: बात चाहे प्रदेश सरकार की हो या फिर केंद्र सरकार की हर तरफ सरकार के कार्य और सरकार की योजनाओं का गुणगान तो हो रहा है लेकिन दूसरी तरफ सच यह भी है कि किसी गरीब तक पहुंचते-पहुंचते यह सरकारी योजनाएं भी कहीं रास्ते में ही द+म तो+ड़ जाती हैं। सरकारी योजनाओं की इसी तरह की सच्चाई और हालात बयां कर रहे हैं नूरपुर की पंचायत ठेहड़ के गांव खुवाडा के वार्ड नंबर 2 के रहने वाले महेंद्र दास के हालात।
महेंद्र दास, सपुत्र मुंशी राम के पास अपना घर ना होने के चलते इन्हें अपने परिवार के साथ एक प्लेट नुमा छोटे से कमरे में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। महेंद्र दास दिमागी तौर पर अस्वस्थ हैं। महेंद्र की पत्नी चांद रानी ने अपनी परेशानी सांझा करते हुए बताया कि महेंद्र दास के आलावा वह ओर तीन बच्चें हैं। परिवार का पालन -पोषण बड़ी मुश्किल के साथ हो रहा हैं। महेंद्र की पत्नी लोगों के घरों में काम कर अपने बीमार पति व बच्चों का पालन -पोषण कर रही हैं।
समस्या यह हैं कि महेंद्र दास का एक स्लेटनुमा छोटा सा कमरा हैं,जिसमें घर के पांचो सदस्य रहते हैं और उसी कमरे में खाना बनाते हैं। आजकल बरसातों के दिनों में महेंद्र के स्लेटनुमा मकान मे पानी टपकता रहता हैं, जिससे परिवार को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हैं। यहां तक की इस परिवार को पंचायत ने बीपीएल में भी स्थान नहीं दिया हैं। महेंद्र की पत्नी चांद रानी का कहना हैं कि कई बार पंचायत में जाकर गुहार लगाई पर अभी तक इस परिवार की कोई भी सुनवाई नहीं की गई हैं।
पीड़ित चांद रानी ने कहा कि मेरे पास जगह नहीं हैं। मेरे मकान को गिरे हुए चार साल हो गए है । हम पंचायत में लगातार गुहार लगा रहे हैं,पर कोई सुनवाई नहीं हुई हैं मिल रहा हैं तो बस आश्वासन। चांद रानी ने कहा कि मेरा पति दिमागी तौर से ठीक नहीं होने के चलते कामकाज नहीं कर सकता हैं। हम परिवार के पांच लोग हैं। मैंने कुछ दिन पहले प्रधान को कहा कि हमारे यहां मौका देख जाओ कि हम किस हालात में रह रहे हैं। प्रधान ने कहा कि मैं कहीं बाहर हूं। फिर देख लूंगी, पर अभी तक मौका देखने तक नहीं आएं हैं। मेरे मकान में बारिश का पानी घुस गया था। पंचायत बस यही कहती हैं कि जब ग्रांट आएंगी तब बना देंगेम इसके साथ ही हमारा नाम आईआरडीपी में भी नहीं है। मेरी सरकार व प्रशासन से गुहार है कि मेरी मदद की जाए।
वहीं खुवाडा वासी हंस राज ने कहा कि इनकी समस्या हैं कि इनका मकान गिर चुका हैं। इनके पास रहने के लिए जगह नहीं हैं। यह इस समस्या को लेकर पंचायत में गए पर इनकी कोई सुनवाई नहीं हुई हैं। अब यह कहां जाएं। इनकी इतनी पहुंच भी नहीं है कि यह सीधा एसडीएम या किसी विधायक के पास जा सके, इसलिए हमारी सरकार प्रशासन से अपील है कि इस परिवार की मदद की जाए ।
ग्रांट मिल गई हैं बना दिया जाएगा घर
वहीं इस मामले में पंचायत प्रधान इंदुबाला ने कहा कि महेंद्र सिंह के परिवार को हम अच्छे तरीके से जानते हैं। उनका मकान तीन-चार वर्ष पहले गिर गया था। पंचायत को इसके बारे जानकारी हैं। हमने इनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में डाला हुआ हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त हमारे पास आ गई हैं। जब भी एस सी में इनके मकान आएंगें तो इनका पहले मकान बनाया जाएगा। ऐसे में महिंद्र के इस गरीब परिवार उम्मीद बनी हुई है कि सरकार की योजना इन तक भी पहुंचेगी और इनका भी आशियाना बनकर तैयार होगा जहां पर यह सुरक्षित तरीके से अपने परिवार के साथ रह सकेंगे लेकिन उनकी यह मुराद कब पूरी होगी यहां उन्हें भी नहीं पता।
