शिमला, संजू-:भाजपा के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रेस वार्ता में हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार अस्थिरता और आंतरिक अविश्वास के माहौल में काम कर रही है। पूर्ण बहुमत होने के बावजूद सरकार के भीतर जिस तरह की उथल-पुथल दिखाई दे रही है, उससे साफ है कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस और असंतोष बढ़ रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सिद्धांत के आधार पर राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे कांग्रेस को अवसर मिला। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस के भीतर राज्यसभा टिकट को लेकर जिस तरह की स्थिति बनी, उसने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर दिया। उनका कहना था कि कई वरिष्ठ नेता टिकट की उम्मीद में दिल्ली तक गए और उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनके नाम पर विचार हो रहा है, लेकिन अंतिम समय में फैसला बदल गया।उन्होंने कहा कि टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष सामने आया और वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करना भी इसी का संकेत है।नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार मंत्रिमंडल के बजाय एक सीमित “मित्र मंडल” के जरिए चलाई जा रही है। उनके अनुसार कई अहम फैसले औपचारिक कैबिनेट बैठकों के बजाय कुछ चुनिंदा लोगों के बीच तय किए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
जयराम ठाकुर ने राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने जिस व्यक्ति को साधारण कार्यकर्ता बताकर टिकट दिया, उनके शपथपत्र में करोड़ों रुपये की संपत्ति और सरकारी ठेकों की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस के ही कई नेताओं के बीच असंतोष पैदा हुआ है।उन्होंने मुख्यमंत्री के आधिकारिक दौरों को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार घोषित कार्यक्रम और वास्तविक दौरे में अंतर देखने को मिलता है, जो प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में विकास कार्यों को गति मिली थी। उन्होंने कहा कि उस दौरान हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं शुरू की गईं और बड़ी संख्या में सड़कें बनाई गईं। साथ ही हिमकेयर, सहारा योजना और मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से लोगों को लाभ पहुंचाया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कई विकास परियोजनाओं की रफ्तार धीमी हो गई है और कई योजनाएं ठप पड़ी हैं।जयराम ठाकुर ने सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में कथित अवैध पेड़ कटान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जहां सीमित संख्या में पेड़ काटने की अनुमति थी, वहां बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने की बात सामने आई है। उन्होंने मांग की कि यदि अनियमितताएं हुई हैं तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।उन्होंने मंडी जिले में वन कटान के एक अन्य मामले और एक परियोजना में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन मामलों में पारदर्शी जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार लगातार भाजपा पर आरोप लगाती रही है, लेकिन यदि किसी पूर्व मंत्री के खिलाफ ठोस सबूत हैं तो सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विकास और पारदर्शिता चाहती है और भाजपा प्रदेश के मुद्दों को उठाती रहेगी।
Chandrika
