अरविंदर सिंह,हमीरपुर: प्रदेश की कांग्रेस सरकार के अच्छे कामों का भी भाजपा के नेताओं को विरोध करना पड़ रहा हैं। अगर भाजपा के नेता ऐसा नहीं करेंगे तो उन पर ही उंगली उठना शुरू हो जाएगी । सत्ता हाथ से जाने के बाद भाजपा नेता छटपटाहट में है और अब वह सरकार के हर फैसले की निंदा और विरोध करने में लगे हुए हैं। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सुजनापुर में मीडिया से रूबरू होते हुए कही।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता संस्थानों के डिनोटिफाई करने के मामले को एक मुद्दा बनाकर राजनीतिक रोटियां सेकना चाह रहे हैं, लेकिन उसे इसमें कभी कामयाबी नहीं मिलेगी । प्रदेश की जनता ने भाजपा को सत्ता से बाहर करके कांग्रेस सरकार को 5 सालों तक उनकी सेवा करने का मौका दिया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं भाजपा अपने संगठन को हरकत में लाना चाह रही हैं और यही बड़ी वजह है कि भाजपा के नेता उल्टी-सीधी बयानबाजी करके जनता को गुमराह करना चाहते हैं।
भाजपा की ओर से डिनोटिफाइड स्कूलों पर उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कई शिक्षण संस्थानों को इसलिए डिनोटिफाई किया गया है क्योंकि वहां एक बच्चा भी नहीं था और टीचर तीन से चार थे। ऐसे में यह शिक्षक किसे पढ़ाते। कांग्रेस सरकार प्रदेश के बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देना चाहती हैं और जहां स्कूलों में टीचरों की कमी हैं वहां टीचर उपलब्ध करवाकर उन्हें और बेहतर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेवजह से किसी भी संस्था।ल में डिनोटिफाइड नहीं किया गया है इन सारी चीजों को रिव्यू करने के बाद ही अंतिम फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है भाजपा के नेता बेवजह की चीजों को मुद्दा बनाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश की जनता उनकी इन हरकतों को भलीभांति समझ चुकी हैं।
