संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश की बिगड़ी आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से जहां पूर्व भाजपा सरकार पर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बिगाड़ने के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो वहीं भाजपा भी आर्थिक हालातों का रोना छोड़ कांग्रेस को जनता से किए गए वादे पूरा करने की नसीहत दे रही हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुखविंदर सिंह सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कर्ज का रोना रोकर जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम की श्रीलंका के साथ हिमाचल की तुलना करना गलत हैं। यह दहशत का माहौल बनाने वाला बयान हैं। मुख्यमंत्री को इस तरह की बयानबाजी से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आर्थिक पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री 4 साल का समय बता रहे हैं इसके पीछे क्या आधार हैं उन्हें यह बताना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश आर्थिक हालात को पटरी पर लाने के लिए चार नहीं चालीस साल लगेंगे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्ज को लेकर जनता के बीच गलत बयानबजी कर रहे हैं। बीजेपी सरकार के समय प्रदेश पर 70 हजार करोड़ का कर्ज था। एरियर, डीए सरकार की देनदारियों को कर्ज में जोड़ना सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीजेपी से दोगुना समय कांग्रेस की सरकार रही हैं। प्रदेश पर पड़े कर्ज के बोझ के लिए ज्यादा समय शासन करने वाली सरकार जिम्मेवार हैं। वहीं जयराम ठाकुर ने संस्थानों को बंद करने को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करके अपनी 10 गारंटीयों को पूरा करने का प्रयास कर रही हैं। हिमाचल में संस्थानों को बंद करने का क्रम जारी हैं। अब 380 स्कूलों को बंद करने की तैयारी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विधायक निधि की अंतिम किस्त जारी ना करना काम में अड़ंगा अटकाना हैं। यह सरकार इंतजार की सरकार हैं। कर्मचारी एरियर और ओपीएस का इंतजार कर रहे हैं। युवा रोजगार का महिलाएं 15 सौ का तो प्रदेश के लोग 300 यूनिट मुफ्त बिजली के इंतजार में हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि एक यह सरकार व्यवस्था परिवर्तन के साथ पैसा बचाने की बात कर रही हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार ने छोटे से प्रदेश में 6 सीपीएस, उप मुख्यमंत्री व गैर चुने लोगों को भी अन्य लोगों को भी कैबिनेट रैंक दे दिया हैं। सीमेंट कंपनी विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले को सही तरीके से सुलझाया नहीं गया हैं। इससे प्रदेश को डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो गया हैं। सरकार को जिम्मेदारी से इसे सुलझाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बीजेपी जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जल्द जनता के बीच में जाने वाली हैं। इसके लिए एक सिग्नेचर अभियान चलाया जाएगा।
