मंडी : धर्मवीर -आपदा के इस दौर में प्रदेश सरकार के राहत कार्य मात्र कांग्रेसियों तक ही सीमित नहीं रहने चाहिए बल्कि सभी प्रभावितों के बारे में सरकार को सोचना चाहिए। यह बात पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बीती शाम बल्ह विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर मीडिया से बातचीत के दौरान कही। इससे पहले उन्होंने बल्ह भाजपा मंडल के कार्यकर्ताओं की बैठक की अध्यक्षता भी की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बागवान अपनी सेब और टमाटर की तैयार फसल को नाले में फेंकने के लिए विवश हो गए हैं। प्रदेश में आधे से अधिक पेयजल योजनाएं अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। बिजली की आपूर्ति भी कई ईलाकों में हो नहीं पाई है और सड़क मार्ग बंद होने के कारण लोगों को राशन समाप्त हो गया है। जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में आपदा से लोगों के घर टूटने और जमीन चले जाने के बावजूद आज दिन तक कुछ नहीं मिला है। घरों में दरारें पढ़ने के बाद प्रभावितों तक पटवारी और तहसीलदार पहुंच नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे खराब हालात होने पर सरकार का ध्यान पुनर्निर्माण और राहत पर केंद्रित होना चाहिए और दोषारोपण से बचाव करना चाहिए।
धनोटू से एक साथ 6 पुलिसकर्मियों के तबादले पर दी प्रतिक्रिया
मंडी जिला के पुलिस थाना धनोटू से एक दिन में ही सीएम कार्यालय से अनुमोदित लिस्ट के आधार पर 6 पुलिसकर्मियों की ट्रांसफर करने के मामले पर भी जयराम ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाब में पुलिसकर्मियों के तबादले करना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। प्रदेश में पुलिस अच्छा कार्य कर रही है लेकिन सरकारी दबाब के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि नेता का चालान काटने पर पुलिसकर्मियों की ट्रांसफर करना प्रदेश के लिए सबसे दुर्भाग्य की बात है।
