शिमला, मोहित प्रेम शर्मा -हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज मंडी में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में ना विधायक सुरक्षित हैं, ना सांसद और ना ही विपक्ष के कार्यकर्ता और नेता। उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति बेहद भयानक और भयावह बनी हुई है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार और स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। एक समय था जब ममता बनर्जी को एक अलग और सशक्त महिला नेतृत्व के प्रतीक के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज सत्ता ने उनकी इंद्रियों को इस कदर जकड़ लिया है कि उनके सामने इंसानी जानों का कोई मूल्य नहीं रह गया है।उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अब अपनी मनमानी पर उतर आई हैं, और जो कोई उनके खिलाफ आवाज उठाता है, उसे डराने, धमकाने और मुकदमों में फंसाने का काम किया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अब हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी उसी राह पर चल पड़ी है, जहां सरकार के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को FIR और डराने-धमकाने के हथकंडों से दबाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सिराज विधानसभा क्षेत्र में हाल ही की आपदा के दौरान 60 से अधिक लोगों पर FIR दर्ज की गई, केवल इसलिए कि उन्होंने सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए। यह लोकतंत्र की हत्या के समान है।उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक शर्मनाक घटना जिला सोलन के दाड़लाघाट क्षेत्र में घटी, जहां एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों को पहले भोजन के लिए बुलाया गया, लेकिन डेढ़ घंटे तक खाना न मिलने पर जब उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध किया, तो उन्हीं बच्चों पर FIR दर्ज कर ली गई।
जयराम ठाकुर ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति और क्या हो सकती है! यह मेरी समझ से परे है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को इस तरह की कार्रवाई करने में आखिर क्या आनंद मिलता है।”उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी सरकार अब खुले तौर पर सत्ता के नशे में चूर हैं। यदि उन्हें लगता है कि FIR और दमन से जनता की आवाज दबाई जा सकती है, तो वे भ्रम में हैं।जयराम ठाकुर ने दो टूक कहा कि, “आप दिल खोलकर FIR कीजिए, क्योंकि आज सत्ता आपके पास है, लेकिन आने वाले समय में इसकी कीमत मुख्यमंत्री सुक्खू को चुकानी पड़ेगी। जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब देगी।”
