सोलन : योगेश शर्मा- डाइट संस्थान सोलन में वीरवार को जेबीटी छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया है। कारण यह है कि जो सरकार द्वारा जेबीटी टीचरों की बैच वाइज भर्ती की जा रही है उसमें बीएड और ईटीटी के छात्रों को शामिल किया गया है, जो कि इनके साथ नाइंसाफी है । उनका कहना है कि जिस तरह से सरकार द्वारा जेबीटी टीचरों की भर्ती में बीएड और ईटीटी के लोगों को भी शामिल किया जा रहा है,वो गलत है।
जानकारी के अनुसार 4 मार्च को सोलन डाइट संस्थान में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशालय द्वारा 45 जेबीटी टीचरों की भर्ती के लिए काउंसलिंग की जा रही थी , लेकिन इस भर्ती में जेबीटी भर्ती के लिए बीएड डिग्रीधारकों को पात्र माने जाने पर जेबीटी प्रशिक्षु भड़क गए थे। वही अब इसका विरोध फिर से शुरू हो चुका है। जेबीटी प्रशिक्षु निकिता ने बताया कि प्रारंभिक उप निदेशालय द्वारा जेबीटी की जो बैच वाइज भर्ती की जा रही है उसमें सिर्फ जेबीटी उम्मीदवारों का ही हक है लेकिन वहां पर बीएड उम्मीदवारों को भी लगाया जा रहा है । उन्होंने कहा कि अभी कोर्ट में मामला लंबित है बावजूद इसके सरकार द्वारा भर्तियां की जा रही है।
वहीं जेबीटी प्रशिक्षु अंकेश ने कहा कि जेबीटी टीचरों की भर्ती प्रक्रिया में बीएड धारकों को शामिल किया जा रहा है जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि 4 मार्च को भी सोलन डाइट संस्थान में बीएड की भर्ती के लिए काउंसलिंग की गई थी जिसमें 80% बीएड के प्रशिक्षकों शामिल थे। उन्होंने कहा कि एक तो चार-पांच सालों से भर्तियां नहीं हुई दूसरी तरफ बोर्ड ने बीएड और ईटटी को भी इस जेबीटी टीचर बैच वाइज भर्ती में शामिल किया है जो कि उनके साथ गलत हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि केस सुप्रीम कोर्ट में चला है, जब तक कोई भी निर्णय नहीं निकल कर आता है। सरकार को इन भर्तियों पर रोक लगानी चाहिए ताकि जेबीटी प्रशिक्षुओं के साथ न्याय में हो सके। उन्होंने कहा कि अगर फिर भी सरकार ने मांगे नहीं मानी तो वे धरना प्रदर्शन नही करेंगे।
