संजु चौधरी, शिमला:हिमाचल प्रदेश में जेबीटी भर्ती के लिए बीएड डिग्रीधारकों को पात्र किए जाने पर जेबीटी प्रशिक्षु भड़क गए हैं। जेबीटी बेरोज़गार संघ इस बात का विरोध जता रहा हैं और जेबीटी भर्ती के बीएड प्रशिक्षुओं को प्राथमिकता देने को गलत करार दे रहा हैं। जेबीटी प्रशिक्षुओं का कहना हैं कि वर्तमान में जो जेबीटी की बैच वाइज भर्ती प्रारंभिक उपनिदेशालय की ओर से की जा रही हैं उसका जेबीटी संघ पूरी तरह से विरोध करता हैं।
जेबीटी बेरोजगार संघ के अध्यक्ष मोहित ठाकुर ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा की जिन पदों पर केवल जेबीटी उम्मीदवारों का हक़ था वहां अब बी.एड उम्मीदवारों को भी लगाया जा रहा हैं। उन्होंने बताया की इससे पूर्व भी नवंबर माह में जब हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की ओर से जेबीटी टेट की अधिसूचना में बी.एड उम्मीदवारों को बैठने का मौक़ा दिया था तो उसमे भी हाई कोर्ट की ओर इ उस अधिसूचना में रोक लगा दी गई थी। जेबीटी बनाम बी.एड केस भी सुप्रीम कोर्ट में अंतिम चरण पर है तो ऐसे में बीच केस में शिक्षा विभाग की ओर से जेबीटी की बैच वाइज भर्ती में बी.एड उम्मीदवारों को इस तरह मौक देना ग़लत हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से ही जेबीटी के रूल्स भी नहीं छेड़े गए हैं। ना ही सरकार की ऐसी कोई मंशा है, तो फिर विभाग को भी 40,000 जेबीटी साथियों के हित में देखते हुए निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जेबीटी बैच वाइज भर्ती में जम्मू कश्मीर से ई.टी.टी. के नक़ली डिप्लोमा ले कर के नौकरी लगे हैं, जो केस भी हाईकोर्ट में लंबित पड़ा है। भविष्य में भी अगर जेबीटी के जगह पर बी.एड उम्मीदवार भर्ती किए जाते हैं तो जेबीटी छात्रों के साथ यह अन्याय होगा।
