मंडी,धर्मवीर(TSN)-मंडी जिला के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स की काले बिल्ले लगाकार भी मांगें नहीं मानी गई तो बीते सोमवार से डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।इन डाक्टरों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी स्टाइपेंड की मांग को पूरा नहीं करती है तब तक इनकी हड़ताल जारी रहेगी।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में पोस्ट डॉक्टरल डिग्री के दौरान जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को 3 साल में पहले वर्ष 40, दूसरी में 45 और तीसरे वर्ष में 50 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड जारी किया जाता है।लेकिन प्रदेश सरकार ने बीते तीन महीने से मंडी जिला के श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को स्टाइपेंड जारी नहीं किया है।हैरानी की बात यह है कि प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेजों में पोस्ट ग्रेजुएट कर रहे जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को नियमित तौर पर स्टाइपेंड मिल रहा है।केवल मेडिकल कॉलेज नेरचौक के रेजिडेंट डाक्टरों को ही परेशानी झेलनी पड़ रही है।जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने सरकार से मांग की है कि जल्द उनके स्टाइपेंड की राशि जारी की जाए। इनका कहना है कि जब तक इस समस्या हल नहीं हो जाता तब तक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।इस हड़ताल के दौरान वे केवल आपाताकालीन सेवाएं देने के लिए ही उपलब्ध रहेंगे।
जल्द होगा रेजिडेंट डॉक्टर्स के स्टाइपेंड जारी करने के मामले का समाधान
वहीं मामले पर श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक के कार्यकारी प्रिंसिपल डॉ.राजेश भवानी ने कहा कि जूनियर रेसिडेंट चिकित्सक पिछले कुछ समय से स्टाइपेंड न मिलने से हड़ताल कर रहे हैं।मामले में डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन से बात की गई है।डॉ राजेश ने कहा कि आगामी एक या दो दिन में इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।
