eअनिल कुमार, किन्नौर: शनिवार को जिला किन्नौर के मुख्यायल रिकांगपिओ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष रैली निकाली। यह रोष रैली भाजपा ने कांग्रेस सरकार की ओर से प्रदेश में बंद किए जा रहे संस्थानों के विरोध में निकाली गई।
इस रोष रैली की अध्यक्षता भाजपा किन्नौर के अध्यक्ष संजीव हारा ने की । संजीव हारा ने रिकांगपिओ में रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ताओ पदाधिकारियों समेत बाज़ार में खड़ी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के अंदर जैसे ही कांग्रेस सरकार बनी वैसे ही बदले की भावना से सरकार ने हिमाचल प्रदेश के अंदर छः सौ से अधिक सरकारी संस्थान जो भाजपा सरकार के समय जनहित में खोले गए थे उन सभी संस्थानों को बंद कर दिया हैं जिससे प्रदेश के जनता को परेशानियों क़ा सामना करना पड़ रहा हैं।
मुख्य रूप से शिक्षण संस्थान,चिकित्सालय, को बंद करने के नोटिफिकेशन निकालने के बाद छात्रों समेत मरीजों को सरकार ने दी गई सुविधाओं को छीनने का काम किया हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल बदले की भावना से काम कर रही हैं,जबकि सरकार बनने के बाद अबतक हिमाचल के अंदर एक भी कार्य शुरू नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला के अंदर भी दर्जनों संस्थान जिसमें ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,व शिक्षण संस्थान हैं, जिन्हे बंद करने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिला से संबंध रखने वाले मंत्री जगत सिंह नेगी अधिकारियों पर दबाव बनाकर काम कर रहे हैं। जिला परिषद सदस्य पूह वार्ड शांता नेगी ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं व आम जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि किन्नौर जिला के अंदर आज बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी बदले की भावना से काम कर रहे हैं। उन्होंने हालही में जिला के नाको स्थित झील मे आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय आईस स्केटिंग खेल प्रतियोगिता में भी खलल डालने की कोशिश की थी और अधिकारियों पर दबाव बनाकर नाको झील पर आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय आईस स्केटिंग खेल प्रतियोगिता में न जाने पर दबाव बनाया जिसके चलते कोई भी सरकारी अधिकारी मौके पर नहीं आया।
ग्रामीणों समेत आईस स्केटिंग खेल करवाने वाले प्रबंधन ने स्वयं इस खेल को करवाया व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केवल इस खेल प्रतियोगिता में डेढ़ लाख की राशि दी,जिसके लिए भी उन्होंने इसका एहसान जताने क़ा काम किया हैं उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में मंत्री जगत सिंह नेगी तानाशाह के रूप में अधिकारियों पर दबाव बनाकर काम कर रहे हैं जिसके चलते आम जनता के जनहित के कार्यों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा हैं।
