Mandi, Dharamveer-:मंडी जिला टैक्सी एकता संगठन ने प्रदेश सरकार द्वारा टैक्सी ऑपरेटरों पर लगातार जारी किए जा रहे नए आदेशों पर कड़ा ऐतराज जताया है। संगठन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपने फैसलों पर पुनर्विचार नहीं किया तो टैक्सी चालक न्याय के लिए अदालत का सहारा लेने को मजबूर होंगे।
आईआईटी कैंपस कमांद में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में टैक्सी ऑपरेटरों ने सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान टैक्सी चालकों ने कहा कि लगातार नए नियम और टैक्स लगाए जाने से उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है।संगठन के जिला प्रधान महेंद्र गुलेरिया ने कहा कि टैक्सी परमिट बेरोजगार युवाओं के नाम पर जारी किए जाते हैं, लेकिन बाद में उन पर इतना अधिक आर्थिक बोझ डाल दिया जाता है कि उनके लिए वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि सरकार जीपीएस, स्पीड गवर्नर और स्क्रैप पॉलिसी जैसे नियमों के माध्यम से टैक्सी चालकों पर अतिरिक्त दबाव बना रही है।महेंद्र गुलेरिया ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग से जारी आदेशों को लेकर आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी जा रही है, लेकिन अधिकारी स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि टैक्सी चालकों की समस्याओं को अनदेखा किया गया तो संगठन न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगा।
