शिमला ,संजू -:शिमला में मुहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा, आस्था और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शहर की मस्जिदों में विशेष दुआओं का आयोजन किया गया, जहां देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए प्रार्थनाएं की गईं।
मुहर्रम के अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। वक्ताओं ने अपने संबोधन में इमाम हुसैन की शहादत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका बलिदान सत्य, न्याय, इंसाफ और मानवता की रक्षा के लिए था। उन्होंने कहा कि मुहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है।इस दौरान समुदाय के लोगों ने आपसी एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दिया। कार्यक्रमों में सभी धर्मों और समाज के लोगों के बीच प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई।वहीं, मुहर्रम के मद्देनज़र जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और पुलिस बल की तैनाती के साथ पूरे आयोजन पर लगातार निगरानी रखी गई। प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बेहतर समन्वय के चलते सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए।
