संजीव महाजन,नूरपुर (TSN): विश्वविख्यात प्रसिद्ध पौंग झील में प्रवासी पक्षियों हर वर्ष सर्दियों में पहुंचते हैं। यह सभी पक्षी सर्दियों का मौसम शुरू होते ही नवंबर माह में झील में पहुंचते हैं ओर अप्रैल माह तक झील में डेरा जमाए रखते हैं। बाहरी देशों में ज्यादा ठंड होने के कारण जब नदियों, झीलों का पानी बर्फ में तब्दील हो जाता हैं तो प्रवासी पक्षी पौंग झील में पहुंचते हैं ओर अप्रैल माह के बाद दोबारा अपने वतन लौटने शुरू हो जाते हैं।
पौंग झील में इन की सुरक्षा के लिए वन्य प्राणी विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं ओर टीमों का गठन करने के अलावा ड्रोन से भी प्रवासी पक्षियों पर नजर रखी जाएगी। अनुमान अनुसार अभी तक झील में करीबन 35 हजार प्रवासी पक्षी पहुंच चुके हैं। वन्य प्राणी विभाग ने शुरू में देहरा और नगरोटा सूरियां में दो टीमों का गठन किया था लेकिन पक्षियों की संख्या बढ़ने के साथ ही पौंग झील को 15 बीटों में विभाजित करके बर्ड वॉचरों की 15 टीमों का गठन कर दिया है जो दूरबीन के साथ पक्षियों की सुरक्षा में दिन-रात चौकस रहेंगे।
प्रवासी पक्षियों की आमद के साथ ही अवैध शिकार करने वाले शिकारी भी शिकार में जुट जाते हैं और बार हेडेड गूज प्रजाति के प्रवासी पक्षी को अपना शिकार बनाते हैं। ड्रोन की सहायता से प्रवासी पक्षियों के अवैध शिकार पर रोक लगाने में वन्य प्राणी विभाग कुछ हद तक कामयाब भी हुआ है और पिछले चार-पांच सालों से अवैध शिकार का कोई भी मामला सामने नहीं आया हैं। पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की आमद से झील गुलजार हो गई है ओर प्रवासी पक्षियों की चहचहाट व तैराकी की अठखेलियों को देखने के लिए पर्यटक भी पहुंचने शुरू हो गए हैं।
पर्यटक विदेशी परिंदों के साथ खूब मौज-मस्ती कर रहे हैं। छुट्टी वाले दिन पौंग झील में पर्यटकों की खूब आमद होती हैं। पौंग झील में अभी तक करीब 35 हजार प्रवासी पक्षी पहुंच चुके हैं ओर प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला लगातार जारी हैं। साइबेरिया, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, अफ्रीका व अमेरिका सहित अन्य बाहरी देशों में ठंड अत्यधिक बढ़ जाने से प्रवासी पक्षी पौंग झील में पहुंचते हैं जिनके आने से झील गुलजार हो जाती हैं। प्रवासी पक्षी कहां से आते हैं, इसकी परख करने के लिए जनवरी महीने में वार्षिक गणना पर प्रवासी पक्षियों के पंजों में रिंग भी डाले जाते हैं। इससे इन पक्षियों के गंतव्य स्थान का भी पता लगाया जाता हैं।
इस बारे में वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ रेजीनॉड़ रॉयस्टोन ने बताया कि प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए दुरबीन से लैस बर्ड वॉचर तैनात कर दिए गए हैं। पौंग झील में बर्ड वॉचरों की 15 टीमें पक्षियों पर नजर रखेंगी। प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए ड्रोन से भी विभाग पौंग झील पर नजर रखेगा।
