भावना शर्मा: किसी भी राज्य की सरकार की ओर से राज्य में रह रहे लोगों कि सुविधाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनेक तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य यही होता है कि प्रदेश के नागरिकों के हित में सरकार कार्य कर सके और उनके जीवन को और ज्यादा बेहतर बनाया जा सके। इसी दिशा में प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के अनाथ बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की गई हैं। इस योजना के तहत सरकार प्रदेश के 6 हजार ऐसे बच्चों को गोद लेगी जिनके माता पिता नहीं हैं। इन बच्चों को गोद लेकर सरकार उनकी शिक्षा से लेकर इनके रहने ओर घर और शादी के साथ ही उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने जैसे कार्यों के लिए मदद प्रदान करेगी। इसके साथ ही सरकार हर महीने आर्थिक सहायता भी इन बच्चों को इस योजना के तहत अब प्रदान करेगी।
सरकार अपने इस योजना से अनाथ बच्चों के साथ ही निराश्रित महिलाओं को जोड़ा हैं। योजना के तहत 0 से 18 आयु वर्ग और 18 से 27 वर्ष के आयु वर्ग के अनाथ बच्चों को कवर किया जा रहा हैं। इस योजना के लिए 110 करोड़ का बजट है राज्य सरकार की ओर से तय किया गया हैं। 16 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री ने इस योजना की शुरुवात की घोषणा की थी।
Facilities available under mukhyamantri Sukh Ashray Yojana
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत सरकार की ओर से अनाथ बच्चों की शिक्षा से जुड़े ख़र्च करेगी। उन्हें कोचिंग ओर स्कॉलरशिप हर साल प्रदान की जाएगी। तो वहीं निराश्रित महिला और गुरुजनों के लिए एकीकृत परिसर का निर्माण करने के साथ ही बच्चों के लिए म्यूजिक रूम में आधुनिक क्लासरूम, बाथरूम, इनडोर और आउटडोर खेलों के लिए मैदान सुविधा देने के साथ ही गोद लिए बच्चों को 27 वर्ष तक खाने-पीने और शिक्षा से जुड़ी सभी तरह की सुविधाएं दी जाएंगी।
Budget and Benefits of Scheme
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत 101 करोड़ के बजट का प्रावधान सरकार ने किया हैं। इस बजट को सरकार निराश्रित लड़कियां जिनके पास रहने के लिए घर नहीं हैं उन्हें त जमीन देने के साथ ही मकान बनाने के लिए राशि प्रदान करेगी। वहीं हर साल एक लाख रुपए की धनराशि बच्चों को कोचिंग और स्कॉलरशिप के रूप में दी जाएगी। कोचिंग के दौरान छात्रों को आवास सुविधा के लिए 4000 हज़ार की छात्रवृत्ति देने के साथ ही बच्चों के विकास के लिए हर महीने पिकनिक और टूर का प्रावधान भी इस बजट के तहत किया जाएगा। वहीं विवाह योग्य बच्चों के लिए सरकार 2 लाख की धनराशि देगी। इसके साथ ही जो बच्चे स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं उन्हें भी 2 लाख की राशि प्रदान की जाएगी। यह अनाथ बच्चे वर्ष भर में आने वाले त्योहार और उत्सवों को सही तरीके से बना सकें इसके लिए सरकार प्रतिवर्ष बच्चों को 500 प्रदान करेगी।
Eligibility For Mukhyamantri Sukh Ashray Yojana
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के लाभ के लिए कुछ नियम और पत्रताएं तय की गई हैं। इस योजना का लाभ मात्र हिमाचल प्रदेश के अनाथ बच्चों को ही मिलेगा इसके लिए आवेदक का हिमाचल प्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक हैं।
How To Apply
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना 2030 का लाभ लेने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी के पास आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन का प्रावधान भी इस योजना का लाभ लेने के लिए सरकार के ओर से किया गया हैं। आवेदन कर्ता
sukhashray-hp.nic.in जो कि आधिकारिक वेबसाइट हैं पर जाकर भी आवेदन की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
Required Documents Of The Scheme
आधार कार्ड
बच्चे के माता पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
बैंक खाता विवरण
पासपोर्ट साइज फ़ोटो
मोबाईल नंबर
स्थायी प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
