संजु चौधरी, शिमला: शिमला नगर निगम कर्मियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं। पूरे प्रदेश भर में जहां एनपीएस कर्मी पेंशन बहाल होने पर जश्न मना रहे हैं, वहीं नगर निगम कर्मियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शुक्रवार को निगम कार्यालय के समक्ष नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पेंशन बहाली की मांग उठाई। सभी यूनियन के सदस्यों ने सड़कों पर उतरकर नगर निगम शिमला प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जल्द पेंशन बहाली की मांग की हैं।
नगर निगम संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष आशा राम ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पेंशन बहाली के आदेशों के बावजूद नगर निगम कर्मियों की पेंशन बहाल नहीं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डेढ़ माह से नगर निगम प्रशासन के समक्ष यह मुद्दा उठा रहे हैं, बावजूद इसके कोई हल नहीं निकला हैं। नगर निगम आयुक्त और महापौर से भी वार्ता की गई हैं लेकिन आयुक्त का कहना था कि सरकार को क्लेरिफिकेशन के लिए पत्र लिखा हैं।
उन्होंने कहा कि जब सरकार ने साफ तौर पर आदेश कर दिए है तो इसमे किसी भी प्रकार के क्लेरिफिकेशन की आवश्यकता नहीं हैं। यहां तक कि 20 दिन पहले निगम प्रशासन ने जीपीएफ भी काटना बंद कर दिया हैं। न ही कर्मियों को जीपीएफ नंबर दिया गया और अगर निगम प्रशासन ने क्लेरिफिकेशन लेनी थी तो जीपीएफ बंद से पहले लेनी चाहिए थी।उन्होंने कहा कि न ही कर्मचारियों को जीपीएफ नंबर दिया जा रहा हैं जबकि एसओपी में साफ है 60 दिन के भीतर कर्मचारी को दस्तावेज़ देने हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द जीपीएफ नंबर अलॉट किया जाए।उन्होंने कहा कि आयुक्त ने वार्ता के लिए बुलाया है इस वार्ता के बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी।
