मंडी,धर्मवीर(TSN)-पिछले साल हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में ब्यास नदी की भंयकर तबाही से कई पुल धवस्त हो गए है।इनमें से एक पुल द्रंग विधानसभा के सपरेई में 10 गांवों को पंडोह के साथ जोड़ने वाला भी था। बीते साल 9 जुलाई को जब यह पुल ब्यास नदी में समाया तो केंद्र में सत्ताधारी दल के साथ विपक्षी पार्टी के राष्ट्रीय नेता भी स्प्रेई गांव पहंुचे और जल्द ही यहां पुल बनाने के बड़े बड़े वादे किए। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी पुल बनने से ग्रामीण काले पानी की तरह सजा भुगतने को मजबूर हैं।
जान जोखिम में डालकर पार करने पड़ रहे संकरे रास्ते
बता दें कि पुल न होने से ग्रामीणों को संकरे रास्तों से 5 किलोमीटर पैदल चलकर पंडोह व 9 मील पहुंचना पड़ रहा है। पिछले एक साल से स्कूली बच्चे व ग्रामीण जान जोखिम में डालकर ब्यास नदी के उपर बने संकरे रास्तों को पार कर रहे हैं। तीन दिन पहले हुए भूस्खलन से यह रास्ता भी अब बंद हो गया है,जिससे अब ग्रामीण अपने गांव में ही कैद हो गए है।सपरेई गांव निवासी नेहा,संजय व देवराज ने बताया कि पुल न होने से दो पंचायतों के लोगों को खासी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। 9 मील व पंडोह जाने के लिए जो संकरा रास्ता है वह भी खतरे से खाली नहीं है। इस रास्ते पर दो झरने बह रहे हैं और साथ ही लगातार भूस्खलन भी हो रहा है। जिस कारण पिछले तीन दिन से कोई भी ग्रामीण बाजार नही जा पाया है और अब गांव में राशन पानी के भी लाले पड़ गए हैं। ग्रामीणों ने इन रास्तों को खोलने के साथ गांव के लिए सड़क व सपरेई पुल बनाने की मांग उठाई है।
