Summer express/शिमला-: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही नई औद्योगिक नीति लागू करने जा रही है, जिसके तहत उद्योगों को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह नीति तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री शनिवार को चंडीगढ़ में द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) चंडीगढ़ के नेतृत्व सम्मेलन एवं 23वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों से हिमाचल प्रदेश में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य निवेश के लिए देश के सबसे उपयुक्त स्थलों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आईटी क्षेत्र के विस्तार पर बल देते हुए उन्होंने बताया कि सोलन जिले के कंडाघाट में आईटी पार्क विकसित किया जा रहा है, जबकि डेटा स्टोरेज अधोसंरचना के विकास पर भी तेजी से कार्य चल रहा है।ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेशभर में बायोचार संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं और किन्नौर में जियोथर्मल ऊर्जा परियोजना भी स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि हिमाचल एक पावर सरप्लस राज्य है और पंजाब के साथ तीन वर्षों के लिए बिजली आपूर्ति का पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) किया जाएगा। पंजाब को हिमाचल का “बड़ा भाई” बताते हुए उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों राज्यों के संबंधों को और मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद औद्योगिक क्षेत्रों से राज्य के राजस्व में भारी गिरावट आई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप औद्योगिक नीतियों में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़-बद्दी रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और अगले तीन वर्षों में इसके पूरा होने की संभावना है।इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण और निर्माण लागत का 50 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है।उन्होंने कहा कि पर्यटन और निवेश को गति देने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं और भविष्य में सभी जिला मुख्यालयों को हेलीकॉप्टर सेवाओं से जोड़ने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आईटी क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
