बैजनाथ-:स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की बैजनाथ कॉलेज इकाई ने संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से नई हेड ऑफ कमेटी का गठन किया है। कमेटी में पम्मी ठाकुर को कन्वीनर तथा शिवानी को को-कन्वीनर की जिम्मेदारी सौंपी गई।कमेटी के गठन के दौरान कॉलेज के विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। संगठन ने कहा कि आने वाले समय में कॉलेज में शिक्षकों की कमी, नियमित कक्षाओं, बढ़ती फीस, शैक्षणिक सुविधाओं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
बैठक में एसएफआई के संगठनात्मक इतिहास और छात्र आंदोलन के सामने मौजूद वर्तमान चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा उपलब्ध करवाना तथा उनकी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से संबंधित प्रशासन के समक्ष रखना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
NEP और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव पर चर्चा
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। संगठन ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी बदलाव का आकलन इस आधार पर किया जाना चाहिए कि उसका विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ता है।एसएफआई ने सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति करने और विद्यार्थियों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया। संगठन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के विलय अथवा बंद करने जैसे किसी भी निर्णय में विद्यार्थियों की संख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, परिवहन व्यवस्था और स्थानीय शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।संगठन ने कहा कि आने वाले समय में विद्यार्थियों के बीच NEP और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा की जाएगी तथा उनकी समस्याओं को संबंधित मंचों पर उठाया जाएगा।फीस वृद्धि और विद्यार्थियों की आर्थिक समस्याओं का मुद्दा उठाएगी एसएफआई
बैठक में बढ़ती फीस और विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं से जुड़े खर्चों का मुद्दा भी उठाया गया। एसएफआई ने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए।संगठन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को फीस के अलावा परिवहन, किताबों, रहने और अन्य आवश्यक खर्चों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के बजाय सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और उन्हें राहत देने की आवश्यकता है।एसएफआई ने कहा कि फीस से जुड़े मुद्दों को विद्यार्थियों के बीच ले जाकर उनकी समस्याओं को समझा जाएगा और आवश्यकता के अनुसार संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन तथा सरकार के समक्ष मांगें रखी जाएंगी।
बैजनाथ कॉलेज की स्थानीय समस्याओं को लेकर भी उठेगी आवाज
बैठक में कॉलेज में शिक्षकों की कमी, नियमित कक्षाओं और शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। संगठन ने कहा कि विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा करवाने के लिए पर्याप्त शिक्षक और नियमित कक्षाएं आवश्यक हैं।एसएफआई बैजनाथ कॉलेज इकाई ने कहा कि कॉलेज की समस्याओं को केवल ज्ञापन देने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। विद्यार्थियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को एकत्रित किया जाएगा और उनके समाधान के लिए प्रशासन के समक्ष लगातार मुद्दे उठाए जाएंगे। नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद पम्मी ठाकुर और शिवानी के नेतृत्व में कॉलेज में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। संगठन ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद, शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा और छात्र समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

