Mandi, Dharamveer-मंडी-कोटली राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। नगर निगम मंडी के तल्याहड़ वार्ड के अंतर्गत मडवाहण गांव में की गई बेतरतीब कटिंग और समय पर सुरक्षा दीवारें (डंगे) न लगाए जाने के कारण चार घर खतरे की जद में आ गए हैं, जिनमें से दो को प्रशासन ने एहतियातन खाली भी करवा दिया है।
बारिश के मौसम में जमीन खिसकने (स्लाइडिंग) की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे स्थानीय लोग डरे और परेशान हैं। प्रभावित मनीश शर्मा और हेमलता ने बताया कि दिन-रात घर गिरने का डर सता रहा है। उनके अनुसार, कई बार कंपनी प्रबंधन को डंगे लगाने की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बीमार और बुजुर्ग परिजन इस स्थिति से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हो चुके हैं।
स्थानीयों ने जताया गुस्सा:
प्रदीप शर्मा और टेक सिंह कटोच जैसे अन्य प्रभावितों ने बताया कि यह काम कोई बड़ा तकनीकी मसला नहीं है, बल्कि सिर्फ इच्छाशक्ति की कमी है। उन्होंने प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों ने कई बार कंपनी को तलब किया, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो रही। इसके अलावा, उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी उपेक्षा का आरोप लगाया और कहा कि वो हालात जानने तक नहीं आए।
तिरपालों का सहारा, लेकिन कितना कारगर?
स्थानीयों ने घरों के बचाव के लिए तिरपालें लगाई हैं, लेकिन लगातार बारिश के चलते यह भी नाकाफी साबित हो रही हैं। लोगों का कहना है कि पैदल चलने तक के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं छोड़ा गया है।स्थानीय लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द डंगे लगाए जाएं और स्थायी समाधान निकाला जाए, जिससे उन्हें अपने ही घरों में सुरक्षित रहने का अधिकार मिल सके।
