इस अभियान के तहत आयोजित बैठकों में पुलिस अधीक्षक नूरपुर कुलभूषण वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नूरपुर, एसडीएम इंदौरा, एसडीएम नूरपुर, संबंधित एसडीपीओ तथा थाना प्रभारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अधिकारियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में विश्वास और सहयोग की भावना और अधिक मजबूत हुई।विशेष रूप से छन्नी और मीलंवा पंचायत में आयोजित नशा निवारण समिति की बैठकों में पुलिस अधीक्षक नूरपुर और एसडीएम इंदौरा ने स्वयं पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान नशीले पदार्थों, खासकर चिट्टे के बढ़ते दुरुपयोग से होने वाले सामाजिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।बैठक के दौरान छन्नी और मीलंवा पंचायत के ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। पंचायतवासियों ने एकजुट होकर नशीले पदार्थों के सेवन और तस्करी के विरुद्ध पुलिस और प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की प्रतिबद्धता भी जताई।
पुलिस अधीक्षक नूरपुर और एसडीएम इंदौरा ने पंचायत प्रतिनिधियों और नशा निवारण समिति के सदस्यों को भरोसा दिलाया कि छन्नी सहित अन्य पंचायतों को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य करेगा। साथ ही समिति के सदस्यों को जागरूकता फैलाने, सतर्कता बनाए रखने और सामुदायिक सहयोग को मजबूत करने की जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित किया गया।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की बैठकों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके और एक सुरक्षित, स्वस्थ व नशा मुक्त समाज का निर्माण हो सके।
