कुल्लू/मनमिंद्र अरोड़ा– हिमाचल प्रदेश में अब सेब के बागवान को अपनी फसल के कलर व साइज को लेकर ग्रेडिंग करने के लिए मेहनत करने की जरूरत नहीं होगी। सेब के कलर व साइज को लेकर अब बागवानी का यह काम मशीन के द्वारा किया जाएगा और मशीन ही एक बराबर सेब की ग्रेडिंग करेगी। जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में उद्यान विभाग द्वारा इस ग्रेडिंग मशीन की भी प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें बागबानो को मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में भी अवगत करवाया गया।
सेब के कलर और साइज के हिसाब से होगी ग्रेडिंग
इस मशीन का निर्माण मार्श हैरियर कंपनी के द्वारा किया गया है और गुजरात की इस कंपनी ने बहुत ही कम लागत में कलर सेंसर वाली मशीन तैयार की है, जो कि सेब के कलर और साइज के हिसाब से ग्रेडिंग कर सकती है। इस मशीन में 600 पेटी एक दिन में पैक की जा सकती है और कंपनी भी बागवान को 50% सब्सिडी लेने में भी मदद करती है।
कंपनी अधिकारी ने बताया मशीन के और क्या है फायदे
कंपनी के अधिकारी नितिन गुप्ता ने बताया कि यह मशीन सेब को कलर और साइज दोनों के मुताबिक ग्रेड करके देती है। जिससे कि बागवानों को जमीन पर ढेरी नहीं लगानी पड़ती। मशीन से सीधा पैकिंग करने से एक तरफ सेब टचिंग से बचाता है और दूसरी तरफ लेबर की आवश्यकता भी कम हो जाती है। अगर ग्रोवर मशीन से कलर ग्रेडिंग करके पैक करते हैं तो उन्हें अपनी फसल की ज्यादा कीमत मिलती है। नितिन गुप्ता का कहना है कि किसानों की जरूरतों को ध्यान रखते हुए कंपनी 3 साल की मुफ्त वारंटी देती है और यह वारंटी 5 साल तक एक्सटेंड की जा सकती है। जल्द ही शिमला जिला के रामपुर के बहुत नजदीक एक सर्विस सेंटर खोला जा रहा है और ऐसा ही एक सेंटर गुमा कोटखाई के पास भी खोला जाएगा।
