संजीव महाजन,नूरपुर : फोरलेन निर्माण प्रभावितों को सरकार की ओर से तय किया गया मुआवजा ना मिलने पर लोगों में रोष व्याप्त है। काफी लंबे समय से लोग इस मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री नूरपुर दौरे पर आए थे और ऐसे में फोरलेन प्रभावितों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री उनके लिए कुछ राहत देंगे,लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से किसी तरह की कोई राहत उन्हें प्रदान नहीं की गई ।ऐसे में अब फोरलेन संघर्ष समिति ने सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया है।
बुधवार को नूरपुर के कस्बा जसूर में फ़ोरलेन संघर्ष समिति नूरपुर के पदाधिकारियों की बैठक अध्यक्ष दरबारी सिंह की अध्यक्षता में हुईं। इस बैठक में सरकार की ओर से फ़ोरलेन प्रभावितों को कम मुआवज़ा आंकलन करके बहुत ही बड़े धोखे का आरोप लगाते हुए समिति के अध्यक्ष ने आर पार की लड़ाई का एलान कर दिया।
फ़ोरलेन संघर्ष समिति नूरपुर ने सरकार और प्रशासन पर फोरलेन प्रभावितों से धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। संघर्ष समिति की बैठक में अध्यक्ष दरबारी सिंह सहित अन्य प्रभावितों ने कम मुआवज़ा देने के साथ सरकार और प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया है।
समिति के महासचिव विजय सिंह हीर ने कहा कि जिस तरह से फारेलेन प्रभावितों को ठगा गया है, इसका जवाब आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार को दिया जाएगा। समिति के उपाध्यक्ष सुभाष पठानिया ने कहा कि सरकार ने चार हज़ार परिवारों को लूटने के साथ उनके साथ धोखा किया है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए एनएचएआई को ईस्ट इंडिया कंपनी की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट में भी सड़क विस्तारीकरण को लेकर जरूरत से अधिक खर्च करने की बात कही है। वहीं सरकार प्रभावितों को उचित मुआवजा तो नहीं दे सकी लेकिन एनएचएआई और अपने नुमाइदों को मनमर्जी से धनराशि खर्च करने की छूट दी है।
उन्होंने कहा कि आज एक तरफ लोगों को नामात्र मुआवजा दिया जा रहा है दूसरी ओर भवन निर्माण सामग्री इतनी महंगी कर दी गई है कि लोगों को घर बनाने की चिंता सताने लगी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार ने इन लोगों के साथ अन्याय किया है इसका जवाब विधानसभा चुनावों में जरूर दिया जाएगा।
