राहुल चावला, धर्मशाला -:डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन का असर अब बिजली बिल जमा करवाने के तरीके पर भी साफ दिखाई दे रहा है। धर्मशाला विद्युत मंडल में अधिकांश उपभोक्ता अब बिजली बिल का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से करना पसंद कर रहे हैं। इसके चलते विद्युत कार्यालयों में बिल जमा करवाने के लिए काउंटर पर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार कमी आई है।धर्मशाला विद्युत मंडल के आंकड़ों के अनुसार, हर माह करीब 6 से 7 करोड़ रुपये के बिजली बिलों का कलेक्शन होता है। इनमें से लगभग 6 करोड़ रुपये का भुगतान विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से किया जा रहा है। यानी करीब 80 से 90 फीसदी उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यमों के जरिए अपने बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं, जबकि महज 10 फीसदी उपभोक्ता ही काउंटर पर पहुंचकर बिल जमा करवाते हैं।
विद्युत मंडल धर्मशाला के एक्सईएन विकास ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं में ऑनलाइन बिजली बिल भुगतान को लेकर अच्छा रुझान देखने को मिल रहा है। विभाग की ओर से बिल जमा करवाने के लिए कई डिजिटल विकल्प उपलब्ध करवाए गए हैं। इनमें गूगल पे, ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर, आरटीजीएस और लोक मित्र केंद्र सहित अन्य माध्यम शामिल हैं। इन सुविधाओं के चलते लोगों को बिजली कार्यालय के काउंटर पर लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ती और घर बैठे ही बिल का भुगतान किया जा सकता है।
बिजली बिल में मिल्क और एनवायरमेंट सेस भी शामिल
विकास ठाकुर ने बताया कि सरकार की ओर से लगाए गए मिल्क सेस और एनवायरमेंट सेस भी बिजली बिल में शामिल किए जाते हैं। मिल्क सेस घरेलू उपभोक्ताओं पर, जबकि एनवायरमेंट सेस कमर्शियल श्रेणी के उपभोक्ताओं पर लागू होता है। दोनों सेस की जानकारी उपभोक्ताओं के बिजली बिल में दर्ज रहती है, जिसे वे भुगतान से पहले देख सकते हैं।

