संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में कर्ज के मुद्दे पर चल रही सियासत थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे को लेकर लगातार एक दूसरे पर बयानबाजी करते नज़र आ रहे हैं। कांग्रेस सरकार कर्ज को लेकर पूर्व भाजपा सरकार को जिम्मेवार बता रही हैं। इसके साथ ही भाजपा सरकार की ओर से बिना बजट के संस्थानों को खोलने के आरोप लगा कर उन्हें डिनोटिफाइ करने की बात कर रही हैं। इसके खिलाफ भाजपा सड़को पर विरोध कर रही हैं, जिस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु ने पलटवार किया हैं और पूर्व सरकार को कर्ज के लिए जिम्मेवार करार दिया हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना हैं, लेकिन पूर्व सीएम जयराम को ये समझना होगा कि जो कर्ज 75 हजार करोड़ का उन्होंने छोड़ा है और 11 हजार करोड कर्मचारियों पेंशनरों की देनदारियां वह छोड़ गए हैं। 5 हजार करोड़ के शिक्षक संस्थान खोल दिए है इन सब का भी हल भी उन्हें बताना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष विरोध जोर शोर से करे लेकिन यह भी तर्क के साथ ये बताए कि ये पैसा कहा से आएगा। अगर आज प्रदेश आर्थिक तंगी से जूझ रहा है तो उसका मुख्य कारण पूर्व की भाजपा सरकार हैं।
