नाहन :देवेंद्र कुमार – सिरमौर जिला के मैदानी इलाकों में इस बार भारी बारिश से सैकड़ों बीघा धान की फसल तबाह हुई है । जिससे धान उत्पादकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है ।
जिला के मैदानी इलाकों में करीब 500 बीघा भूमि पर धान की फसल पूरी तरह नष्ट हुई है। धान उत्पादकों ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी होने की उम्मीद जगी थी, मगर भारी बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया । उन्होंने कहा कि हर किसान की 5 से 10 बीघा भूमि पर लगी धान की फसल नष्ट हुई है। किसानों ने बताया कि भारी बारिश के कारण जमीनों में कटाव लग गया जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। धान उत्पादकों ने बताया कि राजस्व विभाग व कृषि महकमे के अधिकारियों ने बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया है और मदद का भरोसा दिया है ।किसानों ने मांग रखी है कि धान के प्रति बीघा नुकसान पर किसानों को ₹10000 की मुआवजा राशि प्रदान की जाए ताकि नुकसान की भरपाई हो सके ।
पूर्व मंत्री बोले तुरन्त राहत दे सरकार..किसानों ने उठाई मुआवजे की मांग
पूर्व मंत्री व पोंटा साहिब क्षेत्र के मौजूदा BJP विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि पावटा सहित क्षेत्र में भारी बारिश से करीब 500 बीघा भूमि पर धान की खड़ी फसल तबाह हुई है,जिससे किसानों को बड़े स्तर पर आखिर नुकसान उठाना पड़ा है । उन्होंने कहा जिसमें शंभू वाला कोलर धौला कुआं माजरा पोंटा साहिब आदि क्षेत्र के सूरजपुर, पूरूवाला, किशनपुर इलाके में धान की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है।सुखराम चौधरी ने कहा कि प्रदेश भाजपा के नेता लगातार केंद्र सरकार से संपर्क में है और प्रदेश को अधिक से अधिक आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि अभी तक करीब 400 करोड़ रुपए की मदद केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को की गई ताकि लोगों को राहत प्रदान की जा सके। गौर हो कि जिला का मैदानी इलाका धान उत्पादन के लिए जाना जाता है, मगर इस बार बारिश ने यहां धान उत्पादकों की कमर तोड़ कर रख दी है,जिससे इन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
