ऊना, राकेश -:अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों को लेकर प्रदेश के पेंशनरों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में आज शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर पेंशनरों के विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द उनकी मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आगामी बजट में उनकी लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, तो 30 मार्च को बड़ी संख्या में पेंशनर शिमला पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे।
हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से जुड़े पेंशनरों ने भाग लिया। पेंशनरों का कहना है कि लंबे समय से उनकी वित्तीय देनदारियां लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के अनुसार 1 जनवरी 2016 से लेकर वर्ष 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की कई देनदारियां अभी तक जारी नहीं की गई हैं। इसके अलावा अन्य पेंशनरों के भी कई भुगतान लंबित पड़े हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।पेंशनरों ने बताया कि समिति की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बातचीत के लिए समय देने का आग्रह किया गया था, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इसी कारण पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा रहा है।पेंशनरों ने साफ कहा कि यदि 21 मार्च को पेश होने वाले बजट में उनकी मांगों को शामिल नहीं किया गया, तो 30 मार्च को प्रदेशभर से हजारों पेंशनर शिमला पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे।
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