मनमिंदर अरोड़ा , कुल्लू | बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के अवसर पर ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में 14वें दलाई लामा के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण यादों और संघर्षों को तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान भारत में उनके करीब 60 वर्षों के प्रवास पर आधारित दुर्लभ तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया। केन्द्रीय तिब्बती प्रशासन के द्वारा जुलाई 2025 जून 2026 तक घोटोन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जो परम पावन चौदहवें दलाई लामा की 90 वीं जयंती को करूँणा वर्ष के रूप में मनाते हुए उनकी जीवन यात्रा और विरासत को समर्पित है। इस वर्षभर के कार्यक्रम के अंतर्गत क्षेत्रीय कुल्लू घोटोन समिति ने आज कुल्लू में प्रदर्शनी का आयोजन किया ।
महामहिम दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में जिला मुख्यालय कुल्लू स्थित ढालपुर मैदान में फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इस वर्ष दलाई लामा के जन्मदिन को करुणा वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मदन लाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला कुल्लू तिब्बती वेलफेयर ऑफिसर तेनजिन सुल्ट्रिम ने बताया कि धर्मशाला स्थित तिब्बत संग्रहालय के सदस्यों को विशेष रूप से आमंत्रित किया है, ताकि वे यहां प्रदर्शित किए गए चित्रों के लिए सहयोग प्रदान करें और इस अवसर के माध्यम से तिब्बती मुद्दों से जुड़े विषयों के प्रति जागरूकता भी बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य केवल प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि नई और युवा पीढ़ियों को हमारे इतिहास, संस्कृति और पहचान की पृष्ठभूमि से अवगत कराना है। साथ ही विभिन्न प्रांतों से मनाली आने वाले पर्यटकों को भी बौद्ध धर्म की शिक्षाओं और दलाई लामा के जीवन से जुड़े संघर्षों से भी अवगत कराना है । उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से परम पावन 14वें दलाई लामा और तिब्बती समुदाय और महान तिब्बत राष्ट्र के संघर्ष और इतिहास के प्रति व्यापक जागरूकता और समझ को बढ़ावा मिलेगा।
तिब्बती महिला छरिंग डोलमा ने कहा कि आज कुल्लू के ढालपुर में महामहिम दलाई लामा के जीवन को दर्शाया गया है जिसमे उनके प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन का चिरस्थाई प्रतीक बताया है । धर्मगुरु जी को विश्व शांति, अहिंसा और मैत्री (करुणा) के दूत के रूप में सराहा गया, जो दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा की आज की इस प्रदर्शनी में लोगों को महामहिम दलाई लामा के जीवन के संघर्ष के बारे में लोगो को बताया जा रहा है ।
