संजीव महाजन, नूरपुर: हिमाचल की पौंग झील में प्रवासी पक्षियों ने अपना डेरा डाल दिया हैं। 55 हज़ार के करीब प्रवासी पक्षी यहां झील पर अटखेलियां कर रहे हैं। अलग -अलग देशों से यह पक्षी जो पौंग झील में पहुंचे हैं वो सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। यही वजह है कि इन दिनों काफी संख्या में सैलानी इन प्रवासी पक्षियों का दीदार करने के लिए पौंग झील पहुंच रहे हैं।
पौंग झील में अभी तक ग्रेट क्रिस्टल ग्रेब, ग्रेट करमोरेंट, ग्रे हैरोन, बार हैडिड गूज, ब्राह्मणी शैलडक, कॉमनटील, नॉर्दर्न पिनटेल, कोमनकूट, ब्लैक हैडिड गल, ब्राउन हैडिड गल, यूरेशियन विजन, गॉडबैल प्रजाति के हर साल की तरह इस बार भी करीबन 55 हजार प्रवासी पक्षी पहुंचे हैं। अभी भी प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला लगातार जारी हैं। पौंग झील में साइबेरिया, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, अफ्रीका, अमेरिका सहित अन्य बाहरी देशों से प्रवासी पक्षी हर साल इस सीज़न में पहुंचते हैं, जिनके आने से पौंग झील गुलजार हो जाती है।
यह प्रवासी पक्षी सर्दियों का मौसम शुरू होते ही नवंबर माह में झील में पहुंचते हैं ओर अप्रैल माह तक झील में डेरा जमाए रखते हैं। बाहरी देशों में ज्यादा ठंड होने के कारण जब नदियों, झीलों का पानी बर्फ में तबदील हो जाता है तो प्रवासी पक्षी पौंग झील में पहुंचते हैं। प्रवासी पक्षी झुंड बनाकर आसमान से उड़ते हुए पौंग झील में पहुंचते हैं ओर अप्रैल माह के बाद दोबारा अपने वतन लौटना शुरू हो जाते हैं।
इन प्रवासी पक्षियों के पौंग झील में आने के बाद वन्य प्राणी विभाग भी इनकी देखरेख में जुट जाता है। कोई इन प्रवासी पक्षियों का शिकार ना करें ऐसे में इनकी सुरक्षा का जिम्मा वन्य प्राणी विभाग पर होता हैं।विभाग की ओर से प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए टीमों का गठन किया गया हैं। इसके साथ ही दूरबीन के माध्यम से भी प्रवासी पक्षियों पर नज़र रखी जा रही हैं।
वन्य प्राणी विभाग हमीरपुर के डीएफओ रेजीनोड रॉयस्टोन ने कहा कि वन्य प्राणी विभाग ने प्रवासी पक्षियों की देखरेख के लिए टीमों का गठन कर दिया हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रवासी पक्षियों का शिकार करता पाया गया तो उसके खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
