संजु चौधरी, शिमला:प्रदेश में नर्सिज के पद रिक्त होने की वजह से हालात यह बन गए हैं कि ड्यूटी पर तैनात नर्सिज को डबल ड्यूटी शेड्यूल में काम करना पड़ रहा हैं। अतिरिक्त काम का बोझ नर्सिज के कंधों पर हैं जिसका विरोध हिमाचल प्रदेश नर्सिंग टीचर्स एसोसिएशन और प्रदेश नर्सिंग सर्विसेज एसोसिएशन की ओर से जताया जा रहा हैं। नर्सिंग टीचर एसोसिएशन की प्रधान सुषमा ठाकुर जहां रिक्त पदों का मुद्दा उठाया तो आईआईएमसी के सिस्टर निवेदिता नर्सिंग कॉलेज में भी छात्राओं को सुविधाएं न मिलने की बात उन्होंने कही। उन्होंने बताया कि यहां टीचिंग फैक्लटी की भी भारी कमी हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा नर्सिंग प्रतिनिधि के रूप में कुछ स्वयंभू नर्सिंग नेता विभाग व सरकार को अपने व्यक्तिगत हितों के लिए गुमराह कर रहे हैं जिससे नर्सिंग एसोसिएशन और प्रदेश की 99 फ़ीसदी नर्सों के हित प्रभावित हो रहे हैं । उन्होंने बताया कि प्रदेश में नर्सों की कमी के चलते नर्सों को काम का बोझ अधिक हो गया हैं। नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा हैं। वहीं नर्सों के प्रतिनिधि बनकर चंद नर्सिंग नेता लगातार विभाग व सरकार को खुद के हितों के लिए गुमराह कर रहे हैं।
इन्होंने बताया कि प्रदेश के 99 फीसदी नर्सों के हित इससे प्रभावित हो रहे हैं और नर्सिंग से संबंधित कोई भी समस्याएं हल नहीं हो पा रही हैं । इसलिए उन्होंने सरकार व विभाग से अपील की है कि ऐसे झूठे प्रतिनिधियों को रोका जाए और नर्सिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के माध्यम से ही नर्सों के विषय में जानकारी ली जाए ।
