सोलन (योगेश शर्मा): सॉफ्ट टेनिस में हिमाचल को पहचान दिलाने वाली पहली महिला खिलाड़ी प्रतिष्ठा शर्मा अपनी टीम के साथ वापस भारत आ चुकी हैं। उनकी टीम ने थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सॉफ्ट टेनिस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया और एक गोल्ड ब्रॉन्ज़ और अन्य मैडल्स हासिल कर देश का नाम रोशन किया।
20 अगस्त को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने उन्हें हरी झंडी दिखा कर उन्हें भारत से रवाना किया था। हालांकि प्रतिष्ठा वहां कोई मेडल हासिल नहीं कर पाई, लेकिन क्वार्टर फाइनल तक पहुंच कर प्रतिष्ठा ने यह साबित कर दिया की हिमाचल के खिलाड़ी किसी से कम नहीं है। वह बिना किसी कोचिंग कुछ और सुविधाओं के भी अपने आप को अच्छा खिलाड़ी साबित कर सकते हैं। सोलन पहुंचने पर प्रतिष्ठा का गर्मजोशी के साथ स्वागत हुआ। सभी इस मौके पर काफी भावुक भी नजर आए।
प्रतिष्ठा शर्मा ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे कई खिलाड़ियों का हाथ रहा है। उन्हें सॉफ्ट बॉल की बारीकियां सिखाने के लिए जिला पुलिस, दुर्गा क्लब और डीपीएस स्कूल के खिलाड़ियों ने उनका भरपूर साथ दिया और उन्हें कोचिंग भी दी। जिनकी वजह से वह यह मुकाम हासिल कर पाई है। उन्होंने कहा कि यह अभी शुरुआती दौर था और सॉफ्ट टेनिस देश के खिलाड़ियों के लिए नया खेल है इसलिए वह इसकी ज्यादा बारीकियां नहीं जानते हैं। लेकिन वह अगले वर्ष इस प्रतियोगिता में अवश्य गोल्ड मेडल हासिल करेंगे।
प्रतिष्ठा ने बताया कि कई राज्यों में सॉफ्ट टेनिस को सरकारों ने मान्यता दी है लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार ने अभी सॉफ्ट टेनिस को मान्यता प्रदान नहीं की है। इसलिए वह प्रदेश सरकार से चाहते हैं कि इस खेल को भी मान्यता मिले ताकि वह दोगुने जोश के साथ इस खेल में मेहनत कर सके। उन्होंने बताया कि उनके खेल में उनके पिता रमन शर्मा का बेहद योगदान है और उनकी प्रोत्साहन की वजह से ही आज वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल पा रही हैं।
